श्रीगंगानगर: जिला पुलिस अधीक्षक डॉ अमृता दुहन के नेतृत्व में पुलिस ने बुधवार अलसुबह संगठित अपराधों में संलिप्त कुख्यात अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके फाइनेंशियल ट्रेल की जांच शुरू की. इस दौरान लॉरेंस बिश्नोई, अनमोल बिश्नोई, रोहित गोदारा, कार्तिक जाखड़, विशाल पचार, अमित पंडित और योगेश स्वामी के घरों पर एक साथ पांच अलग-अलग टीमों ने दबिश दी.
300 से अधिक जवानों को लगायाा: एसपी अमृता दुहन ने प्रेसवार्ता में बताया कि इन दबिशों का उद्देश्य अपराधियों की चल-अचल संपत्तियों की जांच कर उनके आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करना है. कार्रवाई में एसटीएफ, जिला विशेष शाखा, कालिका यूनिट, डॉग स्क्वॉड सहित विभिन्न थानों से करीब 300 से अधिक जवानों को लगाया गया. पहली टीम ने एएसपी रघुवीर प्रसाद शर्मा के नेतृत्व में लॉरेंस बिश्नोई और उसके भाई अनमोल बिश्नोई के गांव दूतारांवाली में दबिश दी. यहां करीब 100 बीघा कृषि भूमि, पैतृक मकान, ट्रैक्टर-ट्रॉली, स्कॉर्पियो गाड़ी और कृषि उपकरण मिले. अनमोल बिश्नोई एक लाख रुपए का ईनामी आरोपी है.
घरों पर दी दबिश: दूसरी टीम ने एएसपी सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में रोहित गोदारा के घर और खेत में बने पक्के मकान की जांच की. गोदारा के पास 39 बीघा जमीन, ट्रैक्टर-ट्रॉली व अन्य कृषि उपकरण पाए गए. गोदारा पर बीकानेर पुलिस का एक लाख और एनआईए का पांच लाख रुपए का इनाम घोषित है. तीसरी टीम ने ग्रामीण क्षेत्र में अमित पंडित और योगेश स्वामी के घरों पर दबिश दी. दोनों के पास पैतृक मकान पाए गए. पर 25-25 हजार रुपए के इनाम घोषित हैं. चौथी टीम ने कार्तिक जाखड़ की ढाणी पर दबिश दी. उसके परिवार के नाम पर करीब 20 बीघा कृषि भूमि पाई गई. कार्तिक पर भी 25 हजार रुपए का इनाम है. पांचवीं टीम ने विशाल पचार के श्रीगंगानगर स्थित मकान की जांच की. यहां 20×50 का पक्का मकान पाया गया.
पुलिस अधीक्षक डॉ अमृता दुहन ने कहा कि पुलिस केवल अपराधियों को गिरफ्तार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में भी काम कर रही है. ताकि संगठित अपराध की जड़ें खत्म की जा सकें. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में संगठित अपराधियों के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.




















