सवाई माधोपुर: आपदा प्रबंधन एवं राहत मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा शुक्रवार को अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहे. अतिवृष्टि प्रभावित चकेरी, पढ़ाना, खाट, महू सहित आधा दर्जन से भी अधिक गांवों का दौरा किया और नुकसान का जायजा लिया. बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों की समस्याएं सुनी और हरसंभव मदद का भरोसा दिया. उन्होंने बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी ली.
ग्रामीणों ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को बताया कि गत दिनों की भारी बारिश के चलते बाढ़ से कई गांवों की सड़कें, पुलिया व रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए. खेतों में फसलें तबाह हो गई. कई मकान धराशायी हो गए. खाने पीने का सारा सामान खत्म हो गया. बाढ़ प्रभावित गांवों में काफी नुकसान हुआ है.
इस पर आपदा राहत मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने आश्वसन दिया कि सरकार हर छोटे से बड़े नुकसान की भरपाई करेगी. संकट की घड़ी में सरकार पूरी तरह से आपके साथ है. मंत्री किरोड़ी ने जिला कलेक्टर सहित संबंधित अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य सहित बाढ़ से नुकसान का आंकलन कर आपदा प्रबंधन को भेजने के निर्देश दिए. मंत्री किरोड़ी लाल ने अतिवृष्टि के शिकार कई गांवों में लोगों की समस्याएं सुनी और अधिकारियों को राहत के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए.
बता दें कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कलेक्टर, संभागीय आयुक्त, एसपी और आईजी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद कर हालातों का जायजा लिया. इसके बाद सीएम ने अब अपने विधायक को और प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्र में सघन निरीक्षण करने के लिए मैदान में उतार दिया है. वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रशासन को सक्रिय करते हुए 5 से 7 सितंबर तक सभी विधायकों को अपने क्षेत्रों का सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि प्रभारी मंत्री एवं विधायकगण अपने-अपने क्षेत्र में अधिकारियों और प्रशासन से नियमित रूप से फीडबैक लें. उन्होंने विधायकों को अपने क्षेत्र में जिला कलक्टर और उच्च अधिकारियों के साथ नियमित बैठक करने के निर्देश दिए. सीएम ने कहा कि विधायकों को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों का मनोबल बढ़ाने, निचले इलाकों से लोगों को समय पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भोजन पैकेट, पीने का पानी, दवाइयों एवं कपड़ो के वितरण की सतत निगरानी के भी निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्र में महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों के लिए सुरक्षित अस्थायी आश्रय की व्यवस्था करवाएं.




















