Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

प्रिंसिपल की दूरदृष्टि से नामांकन में आई तेजी, स्कूल बना ‘बुलेट ट्रेन’

अलवर: सरकारी स्कूलों की दशा को लेकर अक्सर नकारात्मक चर्चाएं सुनने को मिलती हैं, लेकिन कुछ शिक्षक ऐसे भी होते हैं जो विषम परिस्थितियों में उम्मीद की किरण जलाए रखते हैं. ऐसा ही एक उदाहरण है राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रेलवे स्टेशन. यहां के प्रधानाचार्य मनीराम गुर्जर ने अपनी दृष्टिबाधित होने को कभी भी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. गुर्जर के प्रधानाचार्य पद संभालने के समय 400 से भी कम छात्रों का नामांकन था, लेकिन प्रधानाचार्य और उनके स्टाफ ने प्रयास कर स्कूल का नामांकन करीब 700 तक पहुंचा दिया. हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में इस स्कूल में प्रतियोगी परीक्षाओं की अधिकता से छात्रों के बढ़ते नामांकन पर ब्रेक सा लग गया है.

मनीराम गुर्जर जब राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रेलवे स्टेशन में पदस्थ हुए, तब वहां के हालात निराशाजनक थे. शहर के पटरी पार स्थित एक मात्र सीनियर सेकेंडरी स्कूल होने के बाद भी यहां नामांकन 400 से भी कम था, लेकिन प्रधानाचार्य गुर्जर ने हार नहीं मानी और दृष्टिबाधित होने के बावजूद उन्होंने विद्यालय की समस्याओं को जाना और उनके समाधान के रास्ते खोजे. साथ ही, स्कूल के नामांकन को फिर से पटरी पर लाने का काम किया. स्कूल के स्टाफ ने अभिभावकों से संवाद स्थापित करना शुरू किया और नामांकन को 650 के पार पहुंचा दिया.

Advertisement Box

स्मार्ट क्लास के सहारे शिक्षकों की कमी को कर रहे मैनेज : राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रेलवे स्टेशन के प्रधानाचार्य मनीराम गुर्जर ने बताया कि इस स्कूल में उनका पदस्थापन वर्ष 2021 में हुआ. उस समय यहां नामांकन 400 से कम था, लेकिन उन्होंने नामांकन बढ़ाने के लिए अपने स्टाफ को प्रोत्साहित किया और घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करने को कहा. जिसका परिणाम रहा कि कोरोना से पूर्व यहां नामांकन करीब 700 तक पहुंच गया.

प्रधानाचार्य गुर्जर ने बताया कि कोरोना के बाद उनके स्कूल के नामांकन में कमी आई. इसका कारण उनके स्कूल में प्रतियोगी परीक्षाओं का बार-बार आयोजन भी रहा. पटरी पार इलाके में निजी स्कूलों की संख्या ज्यादा होना भी नामांकन में कमी का कारण रहा. इसके अलावा उनके विद्यालय से कई अनुभवी शिक्षक पदोन्नत होकर दूसरे स्कूलों में चले गए, जिससे विद्यालय में शिक्षकों की कमी हो गई. हालांकि, उन्होंने स्कूल में मौजूद शिक्षकों व स्मार्ट क्लास का सहारा लेकर इस समस्या से पार पाने का प्रयास किया गया, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर विपरीत असर नहीं पड़े. शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए खुद प्रधानाचार्य गुर्जर व उपप्रधानाचार्य ने भी समय-समय पर कक्षाएं लीं.

कार्य की अधिकता से बाधित होती है पढ़ाई : स्कूल की उपप्रधानाचार्य पम्मी गुप्ता ने बताया कि शहर के बीच स्कूल के होने के कारण यहां कार्य की अधिकता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है. साथ ही इस स्कूल में खेल प्रतियोगिताओं का सेंटर होने एवं प्रतियोगी परीक्षाओं का नोडल केंद्र होने के कारण बच्चों की उपस्थिति कम रहती है. हम अभिभावकों से सम्पर्क कर बच्चों को स्कूल में नियमित आने को प्रेरित करते हैं.

खेलकूद में बच्चों ने जीते मेडल : स्कूल की पीटीआई रेखा यादव ने बताया कि 2017 से वे यहां कार्यरत हैं. उन्होंने बताया कि उस समय यह स्कूल सेकेंडरी स्तर का था और 2018 में यह स्कूल उच्च माध्यमिक स्कूल में क्रमोन्नत हुआ. इसके बाद नामांकन बढ़ाने के प्रयास किए गए, जिसके चलते अब यहां करीब 500 विद्यार्थी नामांकित हैं. उन्होंने बताया कि इस स्कूल के बच्चे खेलकूद में भी आगे रहे हैं, जिसमें साइक्लिंग व ताइक्वांडो में इस स्कूल के बच्चे स्टेट व नेशनल स्तर तक पहुंचे हैं. एथलेक्टिस में भी बच्चों ने स्टेट स्तर पर मेडल जीते हैं. गत वर्षों में यहां नामांकन कुछ कम हुआ है. उसके पीछे यहां लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन होना रहा है.

स्कूल में पढ़ाई अच्छी होती है : छात्र विशाल ने बताया कि वह 11वीं कक्षा कला संकाय का विद्यार्थी है. उन्होंने बताया कि इस स्कूल में पढ़ाई अच्छी होती है, लेकिन बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं के चलते यहां अवकाश होने से पढ़ाई में बाधा उत्पन्न होती है. छात्रा टीना ने बताया कि स्कूल में पढ़ाई का स्तर अच्छा है. पिछली बार वह कक्षा में टॉप रही थी. स्कूल में प्रतियोगी परीक्षाओं से पढ़ाई में बाधा आती है.

जिले का पहला स्कूल, जिसे दिया था ट्रेन का लुक : राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रेलवे स्टेशन अलवर, जिले का पहला ऐसा स्कूल है जिसे ट्रेन का लुक दिया गया और नाम रखा एजुकेशन एक्सप्रेस. उन्होंने बताया कि 2018 में शिक्षा विभाग के इंजीनियर राजेश लवानिया ने स्कूल को ट्रेन का लुक दिया, जिसे देखने के लिए अभिभावक स्कूल आए. स्कूल में हुए इस नवाचार से अभिभावक प्रभावित हुए.

Best Service Providers Near You
कांग्रेस नेता राहुल गाँधी के वोट की चोरी आरोप पर आपकी क्या राय हैं

Aries Rashifal
मेष
taurus Rashifal
वृषभ
gemini Rashifal
मिथुन
cancer Rashifal
कर्क
leo Rashifal
सिंह
virgo Rashifal
कन्या
libra Rashifal
तुला
scorpion Rashifal
वृश्चिक
sagittarius Rashifal
धनु
capricorn Rashifal
मकर
aquarius Rashifal
कुंभ
pisces Rashifal
मीन
Advertisement Box

और भी पढ़ें