बीकानेर: अंतर्राष्ट्रीय दान दिवस हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है. यह मदर टेरेसा की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. उन्होंने अपना जीवन गरीबों और बेसहारा लोगों की मदद के लिए समर्पित कर दिया. मदर टेरेसा ने जिस तरह लोगों की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया, इस तरह की एक मिसाल बीकानेर में भी देखने को मिल रही है, जहां अपनी मातृभूमि से जुड़ाव रखते हुए वहां के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने का उद्देश्य पूरा करने के लिए अपने माता-पिता के संस्कारों से प्रेरित होकर पांच भाइयों और बहनों ने मिलकर एक ऐसा अस्पताल बनाया है जो राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश में भी एक नजीर के रूप में सामने है.
दया-करुणा की प्रतिमूर्ति : दरअसल, ट्रस्ट के सदस्य और पांच भाइयों में सबसे बड़े भाई कन्हैयालाल मूंधड़ा ने एक बार बीकानेर में मरीज को जमीन पर लेटे और गर्मी से परेशान होते देखा तो उस दिन उन्होंने इस बात का निर्णय कर लिया था कि बीकानेर में एक ऐसा अस्पताल बनाना है जो पूरी तरह से मरीजों के लिए सुविधाजनक हो. कभी कंघी बेचकर अपने जीवन की शुरुआत करने वाले मूंधड़ा परिवार का आज मुंबई में प्लास्टिक का बड़ा कारोबार है. बावजूद इसके, वे समय-समय पर बीकानेर और नापासर में सामाजिक सरोकार के कार्यों से जुड़े रहते हैं.
सोच से 5 गुना बढ़ गया प्रोजेक्ट : दरअसल, बीकानेर की पीबीएम अस्पताल परिसर में ही मुंबई के प्रवासी और बीकानेर के नापासर के मूल निवासी पांच भाइयों (कन्हैयालाल मूंधड़ा, देवकिशन मूंधड़ा, श्रीकिशन मूंधड़ा, द्वारकाप्रसाद मूंधड़ा और संतोष कुमार मूंधड़ा) ने अपने माता-पिता के नाम पर बने सीएम मूंधड़ा चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से मेडिसिन विंग बनाने का निर्णय करते हुए 20 करोड़ लगाने की सहमति दी.
शुरुआत में दो मंजिला निर्माण कार्य के लिए तय हुआ, लेकिन धीरे-धीरे अस्पताल की जरूरत और मरीजों के इलाज की बेहतर व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रोजेक्ट की लागत बढ़ती गई. हालांकि, इन भाइयों ने अपने पांव पीछे नहीं किया और आज 110 करोड़ की लागत से चार मंजिला मेडिसिन विंग बनकर पूरी तरह से तैयार है.
संभवत: देश में पहला उदाहरण : बीकानेर की पीबीएम अस्पताल के पूर्व अधीक्षक और मेडिसिन के सीनियर प्रोफेसर डॉ. परमेंद्र सिरोही कहते हैं कि जब मूंधड़ा परिवार के सदस्य MOU के लिए सहमत हुए तब से मैंने अस्पताल की ओर से उस पर साइन किए थे. आज जो मेडिसिन विंग बनकर तैयार हो रहा है, वह अपने आप में एक अनूठा निर्माण कार्य है. इस तरह का हाईटेक अस्पताल सरकारी क्षेत्र में न सिर्फ राजस्थान, बल्कि देश भर में कहीं नहीं है.
ट्रस्ट की सेवा भावना : सीएम मूंधड़ा चैरिटेबल ट्रस्ट के स्थानीय प्रतिनिधि और बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारका प्रसाद पच्चीसिया कहते हैं कि ट्रस्ट का उद्देश्य लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा दिलाना और यहां आने वाले मरीज और उनके परिजनों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए इस तरह के अस्पताल का निर्माण करवाना है. अस्पताल में साफ-सफाई और मेंटेनेंस का काम भी ट्रस्ट के द्वारा ही भविष्य में किया जाएगा.
चार साल से ज्यादा का समय : 23 जून 2021 को इस अस्पताल का भूमि पूजन तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी में हुआ था. अब मान जा रहा है कि अगले एक महीने में इसका उद्घाटन होगा और इसके लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल इसमें शामिल होंगे.




















