बूंदी: ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर शुक्रवार को जगह-जगह मुस्लिम समाज की ओर से भव्य जुलूस निकाले गए. इस दौरान समाज के लोगों ने पानी, शरबत और तबर्रुक से जुलूस का इस्तकबाल किया. बूंदी, अनूपगढ़, डीडवाना कुचामन में जुलूस में लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया.
बूंदी में नौजवान गौसिया सर्किल जुलूस सोसायटी की ओर से निकले जुलूस में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. सबसे आगे मौलाना नातिया कलाम पेश कर रहे थे. उनके पीछे बग्गी पर रोजा-ए-रसूल की तस्वीर मुबारक रखी गई थी. घोड़ी पर आलिमेद्दीन इस्लामी परचम थामे चल रहे थे, जबकि ऊंटों पर सवार नौजवान समाज की रौनक बढ़ा रहे थे. वहीं बड़ी संख्या में युवा हाथों में इस्लामिक झंडे लिए ‘लब्बैक या रसूलल्लाह, सरकार की आमद मरहबा’ के नारे बुलंद कर रहे थे. बच्चों और बुजुर्गों ने भी अपनी अकीदत का इजहार किया.
मदरसों के बच्चों की नातों से गूंजा माहौल: जुलूस में शामिल मदरसों के बच्चों ने लगातार नातिया कलाम पेश किए. सिर्फ बूंदी शहर ही नहीं, बल्कि जिले के हिंडोली, नैनवा, केशवरायपाटन, तालेड़ा, डाबी, लाखेरी, इंदरगढ़, अलोद, जमितपुरा, दई सहित कई कस्बों और गांवों में भी मुस्लिम समुदाय ने जुलूस निकाले. हर जगह ईद मिलादुन्नबी का पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया. शहर काजी मौलाना शकूर कादरी, नदीम स्काफी, नायब शहर काजी इमरान कादरी ने कहा कि यह जुलूस मोहब्बत, भाईचारे और अमन का पैगाम देता है. शहर के हर तबके ने स्वागत कर यह साबित किया कि बूंदी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है.
डीजे पर रोक, माइक से गूंजे नात: इस बार जुलूस कमेटी ने डीजे पर पूरी तरह से पाबंदी रखी. केवल माइक गाड़ी से नातिया कलाम गूंजते रहे. जुलूस कमेटी के जिम्मेदारों का कहना था कि डीजे से ध्वनि प्रदूषण फैलता है. जुलूस सुबह 9 बजे मीरागेट से शुरू हुआ और ब्रह्मपुरी, कागजी देवरा, मोची बाजार, चौमुखा बाजार, चौगान गेट, इंद्रा मार्केट, अहिंसा सर्किल, सब्जी मंडी रोड और सूर्यमिश्रण चौराहा होता हुआ नगर परिषद के सामने नेहरू गार्डन पहुंचा. यहाँ जुलूस जलसे में तब्दील हो गया. करीब 3 किलोमीटर लंबे जुलूस का पहला हिस्सा इंद्रा मार्केट में था, तो आखिरी हिस्सा अभी ब्रह्मपुरी से आगे बढ़ रहा था. जुलूस मार्ग पर जगह-जगह लोगों ने पानी, शरबत और तबर्रुक से जुलूस का इस्तकबाल किया.
अनूपगढ़ में भी निकाला जुलूस: अनूपगढ़ में ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर मुस्लिम समाज की ओर से एक भव्य जुलूस निकाला गया. यह जलसा शहर की प्रमुख मस्जिद से शुरू होकर गर्ल्स स्कूल रोड, गीता चौक, कनॉट प्लेस चौक से होते हुए राहु पीर दरगाह तक पहुंचा, जहां धूमधाम से इसका समापन किया गया. जलसे में शामिल लोगों का जगह-जगह विभिन्न धर्मों के लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया और मिठाई खिलाकर मुबारकबाद दी. मुख्य बाजार क्षेत्र में सुमित सुथार, रामदेव बावरी, छगन बजाज सहित कई लोगों ने जलसे में शामिल मुस्लिम भाइयों का अभिनंदन किया.
मुस्लिम समाज के लोगों ने बताया कि ईद मिलादुन्नबी का दिन इस्लाम में विशेष महत्व रखता है. यह अवसर पैगंबर मोहम्मद की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें उनकी शिक्षाओं और आदर्शों के लिए पूरी दुनिया याद करती है. पार्षद मुराद खान ने बताया कि मोहम्मद पैगंबर का जन्मदिन खुशियों का अवसर है, वहीं उनका निधन हुआ था, इसलिए यह दिन शोक के रूप में भी मनाया जाता है. इस अवसर पर मुराद खान ने सर्व समाज से अपील की कि पंजाब में आई बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राहत सामग्री भेजी जाए.
डीजे बंद करवाने पर माहौल हुआ: डीडवाना कुचामन जिले के नावा क्षेत्र में ईद मिलादुन्नबी के मौके पर नगर में निकाले जा रहे जुलूस के दौरान पुलिस द्वारा डीजे बंद करवाने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया. जुलूस के दौरान माहौल धार्मिक तरानों और डीजे की धुनों से गूंज रहा था. इसी दौरान पुलिस ने डीजे बंद करवा दिया. इस पर माहौल तनावपूर्ण हो गया. हालात को काबू में करने के लिए तहसीलदार रामेश्वरलाल और थानाधिकारी नंदलाल मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने लोगों को समझाइश देकर माहौल शांत करवाने की कोशिश की.
पुलिस थाना प्रभारी नन्द लाल का कहना था कि आयोजकों द्वारा जुलूस निकालने और डीजे बजाने की पूर्व में अनुमति नहीं ली गई थी. पुलिस ने आयोजकों को समझाया कि आवश्यक अनुमति लेने के बाद ही डीजे बजाया जा सकता है. इसके बाद जुलूस वापस लौट गया और अब जुलूस आगे नहीं निकाला जाएगा. इसके बाद लोगों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की.




















