भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल) वामन द्वादशी के पावन अवसर पर, नौगांवा सांवरिया सेठ मंदिर में एक अनूठा और दिव्य दृश्य देखने को मिला। भगवान श्री सांवरिया सेठ को उनके चतुर्भुज रूप के स्थान पर भगवान विष्णु के पांचवें अवतार, वामन अवतार के रूप में सजाया गया। यह अलौकिक रूप भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया, और उन्हें दर्शन करने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े।
ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडाणी ने बताया कि यह विशेष श्रृंगार वामन द्वादशी के महत्व को दर्शाता है, जो भगवान वामन के प्रकटोत्सव के रूप में मनाई जाती है। भगवान विष्णु ने इस अवतार में राजा बलि से तीन पग भूमि मांगकर तीनों लोकों को नाप लिया था, और धर्म की स्थापना की थी। इसी कथा को साकार करते हुए, सांवरिया सेठ को बौने ब्राह्मण के रूप में सजाया गया, जिन्होंने अपने हाथ में छाता और कमंडल धारण किया हुआ था। यह श्रृंगार इतना जीवंत लग रहा था कि हर कोई इसकी सुंदरता और दिव्यता की प्रशंसा कर रहा था। ट्रस्ट के महामंत्री कैलाश डाड ने बताया की मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तिमय माहौल बना हुआ था।
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भजन-कीर्तन और जयकारों की गूंज से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो रहा था। इस दौरान, कई भक्तों ने दान-पुण्य भी किया, और प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई थी। शाम की आरती में तो भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा, जहां सबने मिलकर भगवान के इस अद्भुत रूप के दर्शन किए और अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना की। ट्रस्ट के मनीष बहेड़िया, भंवरलाल दरगड़, गिरिराज काबरा आदि ने बताया कि यह विशेष आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करता है, बल्कि भक्तों को भगवान के विभिन्न रूपों और उनकी लीलाओं से भी परिचित कराता है।




















