बूंदी: मूसलाधार बारिश ने बूंदी जिले में हालात बेकाबू कर दिए हैं. बुधवार को चंद्रभागा नदी उफान पर आ गई, जिससे हिंडोली क्षेत्र के सथूर और बड़ोदिया गांव चारों ओर से पानी में घिरकर टापू बन गए. गांवों में अचानक हालात बिगड़े तो लोगों में हड़कंप मच गया. कई परिवार और छोटे-छोटे बच्चे बाढ़ के बीच फंस गए, जैसे ही प्रशासन को सूचना मिली, कलेक्टर अक्षय गोदारा के निर्देश पर सिविल डिफेंस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू कर दिया.
टीम ने ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला. वहीं, स्थानीय लोग भी पीछे नहीं हटे. उन्होंने रस्सों को कसकर और जेसीबी मशीनों की मदद से फंसे लोगों को बाहर निकाला. ग्रामीणों का जज्बा और हिम्मत बाढ़ के बीच जीवनरक्षक साबित हुई. हिंडोली तहसीलदार रतनलाल मीणा ने बताया कि हालात बेहद गंभीर हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है. चंद्रभागा का पानी निचले इलाकों में भर चुका है और हर पल स्थिति पर नजर रखी जा रही है. बड़ोदिया सरपंच राधेश्याम गुप्ता ने बड़ोदिया में जलभराव की स्थिति से तहसीलदार और अन्य अधिकारियों को अवगत करवाकर तत्काल सिविल डिफेंस की मदद मांगी है.
गुढ़ा बांध के 12 गेट खुले, खतरे की आहट: उधर, बारिश ने गुढ़ा बांध को भी लबालब कर दिया. जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचते ही बुधवार को बांध के 12 गेट एक साथ 5-5 फीट तक खोल दिए गए. बांध से छोड़े जा रहे हजारों क्यूसेक पानी ने मेज नदी का जलस्तर भी बढ़ा दिया है, जिससे निचले इलाकों में पानी घुसने से संकट और गहरा गया है. जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता प्रदीप कसाना ने अपील की कि बांध से लगातार निकासी हो रही है, ऐसे में आने वाले घंटों में मेज नदी और आसपास के गांवों में जलभराव बढ़ सकता है. लोगों को सतर्क रहना होगा.
बाढ़ का खतरा मंडराया, ग्रामीणों में दहशत: नदी और बांध में उफने पानी से गांवों में बाढ़ का खतरा हो गया है. चारों ओर पानी, बहती तेज धाराएं और लगातार बरसते बादलों ने हालात को और भी खतरनाक बना दिया है. ग्रामीणों का कहना था कि हर तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है. घरों की चारदीवारियां डूब चुकी है. घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. इधर, कलेक्टर से लेकर स्थानीय प्रशासन तक पूरी तरह अलर्ट पर है. राहत व बचाव कार्य जारी हैं. निचले इलाकों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है.




















