जयपुर: राजधानी जयपुर में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाई जा रही ‘सशक्त नारी जिम्मेदारी हमारी’ मुहिम के तहत पुलिस ने कई नवाचार किए हैं. अब विभिन्न कंपनियों की कैब में डैशकैम लगवाए जा रहे हैं, ताकि अकेली सफर करने वाली महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. इसके साथ ही कैब में मौजूद पैनिक बटन को राजस्थान पुलिस के राजकॉप सिटीजन ऐप से भी जोड़ने की कवायद की जा रही है. इससे कैब में कोई भी असहज हालत होने पर तुरंत मदद मुहैया करवाई जा सकेगी.
जयपुर के पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि शहर को महिलाओं के लिए सुरक्षित शहर बनाने के लिए डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में यह पहल की गई है. इसके तहत कई नवाचार किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि आज कई लोग टैक्सी और प्राइवेट कैब में सफर करते हैं. सफर के दौरान महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कैब कंपनियों को मोटिवेट करके गाड़ियों में डैशकैम लगवाए जा रहे हैं. इसमें विभिन्न एनजीओ और स्वयंसेवी संगठनों की भी मदद ली जा रही है. अभी तक 255 गाड़ियों में डैशकैम इंस्टॉल किए जा चुके हैं. आने वाले दिनों में इस संख्या को बढ़ाकर शहर में चलने वाली सभी कैब में डैशकैम लगवाना सुनिश्चित किया जाएगा.
कैब में होगा पैनिक बटन : उन्होंने बताया कि रैपिडो की कैब में एक पैनिक बटन है. सफर के दौरान कोई भी असामान्य स्थिति हो तो महिलाएं पैनिक बटन का इस्तेमाल कर सकती हैं. अब इस पैनिक बटन को पुलिस के राजकॉप सिटीजन ऐप से जोड़ने की कवायद शुरू की गई है. ऐसे में जब कोई महिला कैब में पैनिक बटन दबाएगी तो पुलिस तक उसकी जानकारी पहुंचेगी और मदद मुहैया करवाई जा सकेगी. उन्होंने बताया कि ओला और उबर जैसी कंपनियां भी अपनी गाड़ियों में पैनिक बटन लगवाएंगी, जिसे पुलिस के एप से जोड़ा जाएगा.
1.36 लाख महिलाओं-बच्चियों को किया जागरूक : उन्होंने बताया कि ‘सशक्त नारी जिम्मेदारी हमारी’ मुहिम के तहत महिला पुलिस अधिकारी एवं महिला पुलिस कर्मी शहर के विभिन्न इलाकों में जाकर बालिकाओं एवं महिलाओं को उनके कानूनों एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता कर रही हैं. इसके लिए कम्युनिटी आउटरीच प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं. सार्वजनिक स्थानों पर ‘वॉक एंड टॉक’ कार्यक्रम के जरिए महिलाओं और बच्चियों से संवाद किया जा रहा है. इसके साथ ही इंस्टीट्यूशन आउटरीच प्रोग्राम भी चलाए जा रहे हैं. इस मुहिम के तहत 1.36 लाख महिलाओं और बच्चियों से संवाद कर उन्हें अधिकारों, कानूनों और महिलाओं से जुड़ी हेल्पलाइन की जानकारी दी गई है.
चरित्र सत्यापन और ऐप डाउनलोड करवाया : उन्होंने बताया कि इस मुहिम के तहत ऑटो, मिनी बस और डिलीवरी सेवाओं से जुड़े लोगों का चरित्र सत्यापन किया गया. पुलिस का यह कदम सार्वजनिक परिवहन और डिलीवरी सेवाओं को महिलाओं के लिए और अधिक सुरक्षित बनाएगा, ताकि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. इसके साथ ही महिलाओं-बच्चियों को राजकॉप सिटीजन ऐप के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है. अब तक 16,848 बालिकाओं एवं महिलाओं के मोबाइल में यह ऐप इंस्टॉल करवाया गया है. इस ऐप में मौजूद नीड हेल्प फीचर के बारे में भी जानकारी दी जा रही है.




















