दौसा: जिले में बीती रात हुई जोरदार बारिश से खेत-खलिहान जलमग्न हो गए. मंगलवार सुबह समाप्त हुए चौबीस घंटों में दौसा में 7 इंच और लालसोट में 5 इंच बारिश दर्ज की गई. भारी बारिश के चलते लालसोट इलाके का नालावास बांध टूट गया. बांध की करीब 250 फीट लंबी और 35 फीट ऊंची पाल टूटने से काफी दिनों से एकत्र किया गया बारिश का पानी बह गया. इधर, सिकराय उपखंड क्षेत्र के पीलोड़ी गांव में भी हालात बाढ़ जैसे हो गए. गांव पानी से घिर गया.
झांपदा थानाधिकारी सुनील टांक ने बताया कि नालावास बांध टूटने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची. वहां मौजूद लोगों को दूर हटवाया. बता दें कि जिले के लालसोट उपखंड में ग्रामीणों ने अपने स्तर पर भूजल स्तर बढ़ाने के लिए एक कच्चा बांध तैयार किया था. इस पर 50 लाख रुपए ग्रामीणों ने जन सहयोग से खर्च किए थे, लेकिन भारी बारिश के दबाव को बांध झेल नहीं पाया और टूट गया.
झिलमिल बांध का दबाव पड़ने से टूटा: दरअसल, दौसा जिले में बीते कई दिनों से लगातार बारिश हो रही थी. इसके चलते झिलमिल बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा था. इसके कारण रानोली का बांध लबालब हो गया, जो सोमवार को टूट गया था. इसके बाद यह पानी नालावास के कच्चे बांध में जाकर जमा हो गया, लेकिन रात को हुई भारी बारिश से नालावास का कच्चा बांध भी टूट गया. अब यह पानी सुमेल गांव के पक्के बांध से ओवरफ्लो होकर मोरेल नदी में जा रहा है.
पीलोडी गांव में बाढ़ के हालत: इधर, सिकराय उपखंड क्षेत्र के पीलोडी गांव में भी हालात बाढ़ जैसे हो गए. गांव पानी से घिर गया. घरों में अनाज और चारा खराब हो गया है. यहां तक कि मवेशियों का बाड़ा भी तालाब में तब्दील हो गया है. जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. गांव की तलाई के जलग्रहण क्षेत्र में अतिक्रमण होने से बारिश के पानी ने बाढ़ का रूप ले लिया. सिकराय एसडीएम नवनीत कुमार ने बताया कि ग्रामीणों ने तलाई पर पक्का अतिक्रमण कर रखा है. इससे बारिश का पानी गांव में भर जाता है. पानी निकासी का बंदोबस्त जल्द किया जाएगा.
कहां कितनी बारिश: मंगलवार सुबह सिंचाई विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटे में दौसा में 177 एमएम, लालसोट में 125 एमएम, निर्झरना में 111 एमएम और रामगढ़ पचवारा में 100 एमएम बारिश दर्ज की गई. जिले के कई बांध पूरी तरह लबालब है. कई बांध ओवरफ्लो हो रहे हैं. दौसा के मोरेल बांध पर 16 इंच, झिलमिली बांध पर 12 इंच व दिवांचली बांध पर 8 इंच, भांकरी बांध पर 14 इंच, नामोलाव बांध पर 11 इंच, सूरजपुरा बंद पर 21 इंच और महेश्वरा बांध पर 8 इंच की चादर चल रही है. दौसा का हरिपुरा बांध भी पूरी तरह लबालब हो चुका है.
जल भराव से दूर रहने की अपील: जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि रात के समय हुई बारिश से कई जगह पानी भर गया था, लेकिन अब धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी है. जिला प्रशासन ने क्षेत्र में भारी जलभराव को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से कड़े बंदोबस्त कर रखे हैं. लोगों से जलभराव वाली जगहों से दूर रहने की अपील की गई है.




















