जयपुर: राजस्थान की 16वीं विधानसभा का चौथा सत्र सोमवार को सुबह 11 बजे शुरू हुआ. कार्यवाही शुरू होते ही सदन का माहौल गरमा गया और विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. कांग्रेस विधायकों ने “वोट चोर” और “गद्दी छोड़” जैसे नारे लगाकर सत्ता पक्ष को घेरा. वहीं सत्ता पक्ष ने पलटवार करते हुए “गालीबाज राहुल गांधी” और “गालीबाज कांग्रेस” के नारे लगाए.
विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने: सत्र शुरू होने से पहले ही कांग्रेस विधायकों ने हंगामे के संकेत साफ कर दिए थे. वे “वोट, गद्दी छोड़” लिखी टी-शर्ट पहनकर और नारों की तख्तियां लेकर पहुंचे थे. जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने शोरगुल और नारेबाजी शुरू कर दी. लगातार हंगामे के बाद सत्ता पक्ष भी पीछे नहीं रहा और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए तीखे नारे लगाए. इस दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने खड़े रहे और सदन नारेबाजी से गूंज उठा.
अध्यक्ष की नाराजगी और चेतावनी: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बार-बार दोनों पक्षों को शांत रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा और मर्यादा बनी रहनी चाहिए. अध्यक्ष ने नाराजगी जाहिर करते हुए चेतावनी दी कि यह जगह बाजार या चौराहा नहीं है जहां इस तरह की हरकतें की जा सकती हैं. उन्होंने कहा कि आसान पैरों पर खड़ा है, मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है. बावजूद इसके विपक्ष की ओर से नारेबाजी थमने का नाम नहीं ले रही थी.
खेजड़ी संरक्षण कानून की मांग: सत्र की शुरुआत में ही निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी खेजड़ी बचाओ की तख्ती हाथ में लेकर विधानसभा पहुंचे. उन्होंने खेजड़ी संरक्षण कानून लागू करने की मांग सदन में रखी. इस दौरान उनका यह मुद्दा भी चर्चा का केंद्र बना. लगातार हंगामे के बीच भी सदन के पटल पर विधेयक रखे गए. इसके बाद पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक सहित 10 नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई. हंगामे की स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सत्र की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी.




















