जयपुर: सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द करने के हाईकोर्ट के फैसले के विरोध में शनिवार को चयनित अभ्यर्थी अपने परिजनों के साथ सड़कों पर उतरे. जयपुर में जिला कलेक्ट्रेट पर चयनित अभ्यर्थी और उनके परिजन पहुंचे और निर्णय का विरोध जताया. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के इस निर्णय के खिलाफ वे डबल बैंच में अपील करेंगे. साथ ही बड़ा आंदोलन भी करेंगे.
‘ईमानदारों को न्याय दो, दोषियों को सजा दो’, ‘न्याय नहीं तो इच्छामृत्यु होने दो’, ‘एसआई भर्ती रद्द करना समाधान नहीं है, जांच कर दोषियों को सजा देना समाधान है’ जैसे नारों वाली तख्तियां लेकर चयनित अभ्यर्थियों ने परिजनों के साथ प्रदर्शन किया. चयनित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट के निर्णय का विरोध करते हुए एसआई भर्ती को यथावत रखने की मांग की.
जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी और अपने परिवार की पीड़ा भी सामने रखी. चयनित अभ्यर्थी रतन ने कहा, ‘ हम लोग निर्दोष हैं. मेरे पिताजी ने ड्राइवरी करके मुझे पढ़ाया-लिखाया. जब से उन्होंने एसआई भर्ती रद्द होने की बात सुनी है, तब से वे परेशान हैं. मेरी मां के फेफड़ों में भी इंफेक्शन है और उन्होंने भी यह खबर सुनने के बाद दो दिन से खाना तक नहीं खाया है.’ रतन ने कहा कि 5 साल बर्बाद हो गए और सड़क पर आ चुके हैं. रतन ने कहा कि वे लोग गरीब परिवार से हैं. उनके पास पैसे भी नहीं हैं. अब कोर्ट से न्याय की गुहार ही लगा सकते हैं. हमारी मांग है कि एसआई भर्ती को यथावत रखी जाए और चयनित अभ्यर्थियों को न्याय मिले.
सालों की मेहनत पर पानी फेरा: एसआई भर्ती में चयनित वंदना ने बताया कि वह 2016 से एसआई भर्ती की तैयारी कर रही थी. 2021 की भर्ती में वह फाइनल में सेलेक्ट हुई, लेकिन हाईकोर्ट के एक आदेश ने उनकी 8-10 सालों की मेहनत पर पानी फेर दिया. वंदना ने कहा कि एसआई भर्ती 2021 में 523 ऐसे अभ्यर्थी हैं जो एक या दो सरकारी नौकरी छोड़कर भर्ती में चयनित हुए थे और कोर्ट ने उन्हें वापस उसी सरकारी नौकरी में भेजने के लिए कहा है. वंदना ने सवाल उठाया कि यदि वे गलत हैं तो उन्हें पहले वाली नौकरी में क्यों भेजा जा रहा है? और यदि वे गलत नहीं हैं तो उन्हें इस डिपार्टमेंट से क्यों निकाला जा रहा है?” वंदना ने कहा कि यह बात सही है कि जो ईमानदार है, वह 2025 की भर्ती में भी सेलेक्ट हो जाएगा, लेकिन एसआई भर्ती रद्द होने का बहुत बड़ा दबाव है. हम लोगों ने ट्रेनिंग भी ईमानदारी से पूरी की है. अब कोर्ट के चक्कर काटकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं. नौकरी बचाने के लिए धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. वंदना ने आगे कहा कि एसआई भर्ती में कई महिलाएं ऐसी भी चयनित हुई हैं जो तलाकशुदा या विधवा हैं. उनकी अपनी बेटियां भी बड़ी हैं. अब वे खुद पढ़ेंगी या अपनी बेटियों को पढ़ाएंगी? उसने दुख जताया कि सभी लोग एसआई भर्ती के पीछे पड़े हुए हैं. एसआई भर्ती के अभ्यर्थी राजनीति का शिकार हो गए. उसने कहा कि हाईकोर्ट की डिवीजन बैंच में अपील की जाएगी, यदि वहां भी सुनवाई नहीं हुई तो सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे.




















