अजमेर: सूफी हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के जर्जर सबीली गेट को गिराया गया. दरगाह के सहायक नाजिम मोहम्मद आदिल समेत अंजुमन सदस्यों की निगरानी में सबीली गेट को गिराया. अब यहां नया और बड़ा दरवाजा बनाया जाएगा. इससे जायरीन को आने-जाने में काफी सहूलियत मिलेगी. पहले सबीली गेट छोटा था. उर्स के दौरान यहां जायरीन को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता था. तब भीड़ को कंट्रोल करने में पुलिस जाप्ता लगाना पड़ता था.
अंजुमन मेम्बर सैय्यद असलम हुसैन ने कहा कि दरगाह कमेटी को महाना छठी शरीफ के बाद काम शुरू करवाना चाहिए था. इससे जायरीन को दिक्कत नहीं होती. हालांकि गेट चौड़ा होना अच्छी बात है. बस छठी शरीफ की भीड़ को देखते गेट उचित समय पर तोड़ा जाना चाहिए. फिलहाल दरगाह कमेटी और खुद्दामे ख्वाजा के तालमेल से विकास कार्य हो रहे हैं. गेट चौड़ा करने के फैसले से अंजुमन सदस्य खुश हैं.
दरगाह के खादिम सैय्यद कुतबुद्दीन सखी ने बताया कि सबीली गेट महफिलखाना हॉल के नजदीक है, जहां कई साल पहले जायरीन की भारी भीड़ के चलते भगदड़ मची थी. इसमें तीन जायरीन की दबने से मौत हुई थी. जिस वक्त ये हादसा हुआ, तब मुहर्रम का महीना था.साल में एक बार खुलने वाला बाबा फरीद साहब के चिल्ला शरीफ में जाने के लिए जायरीन की लाइन लगी थी. तब पुलिस और दरगाह कमेटी की व्यवस्था नाकाफी साबित हुई थी. ऐसे में अब दरगाह प्रशासन इस गेट को चौड़ा कर जायरीन की राह सुगम बना रहा है. अन्य व्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए.




















