जयपुर: राजस्थान सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2025 के तहत जयपुर जिले के 4905 वरिष्ठ नागरिकों को निशुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर मिलेगा. मंगलवार को देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत की मौजूदगी में जिला प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल ने ऑनलाइन लॉटरी निकालकर सफल आवेदकों की घोषणा की. जोगाराम पटेल ने कहा कि हमारी सरकार का यह प्रयास है कि हमारे वरिष्ठ जन अपनी जीवन यात्रा के इस पड़ाव पर धर्म, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ सकें.
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत हवाई यात्रा एवं रेलयात्रा सहित प्रदेश के कुल 56 हजार वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा का अवसर दिया जा रहा है. जिसमें से जयपुर जिले के 4905 वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित होंगे. इनमें से 526 यात्री हवाई मार्ग से काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर की यात्रा करेंगे. जबकि 4379 यात्री रेल मार्ग से अलग-अलग तीर्थ स्थलों की यात्रा करेंगे. योजना के तहत जयपुर जिले के कुल 11378 आवेदन के जरिए 18423 यात्रियों ने आवेदन किया था.
जोगाराम पटेल ने बताया कि रेल यात्रा के लिए चयनित वरिष्ठ नागरिकों को हरिद्वार, ऋषिकेश, अयोध्या, वाराणसी, सारनाथ, सम्मेदशिखर, पावापुरी, वाराणसी, सारनाथ, मथुरा, वृंदावन, बरसाना, आगरा, अयोध्या, द्वारकापुरी, नागेश्वर, सोमनाथ, तिरुपति, पदमावति, कामाख्या, गुवाहाटी, गंगासागर, कोलकाता, जगन्नाथपुरी, कोणार्क, रामेश्वरम-मदुरई, वैष्णो देवी, अमृतसर, वाघा बोर्डर, गोवा के मंदिर एवं अन्य स्थल चर्च आदि के दर्शन कराए जाएंगे. इसके अलावा महाकालेश्वर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, त्रयम्बकेश्व, घृष्णेश्वर, ऐलोरा, बिहार शरीफ, पटनासाहिब, श्री हजुर साहिब नांदेड़ जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों का दर्शन करवाया जाएगा.
जोराराम कुमावत ने बताया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के यात्री अपने साथ एक अटेंडेंट ले जा सकते हैं. साथ ही, यदि पति-पत्नी में से एक की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक और दूसरे की आयु 58 वर्ष है तो दोनों को एक साथ यात्रा की अनुमति है. सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि यात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए. इसके लिए प्रत्येक दल के साथ चिकित्सा स्टाफ, सुरक्षा कर्मी और सरकारी कर्मचारी यात्रा करेंगे. इस दौरान राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, विधायक चंद्रप्रकाश आक्या, जीवाराम चौधरी, अशोक कोठारी, प्रियंका चौधरी जिला कलक्टर डॉ जितेन्द्र कुमार सोनी, अतिरिक्त जिला कलक्टर (चतुर्थ) देवेन्द्र कुमार जैन और देवस्थान विभाग के अतिरिक्त निदेशक रतनलाल योगी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे.




















