अजमेर: सवाई माधोपुर और अजमेर जिले में लगातार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए. हालांकि रविवार को बारिश से कुछ राहत मिली. सवाई माधोपुर जिले के कई गांव बारिश के पानी से घिरे हैं. बरसात भले ही थम गई, लेकिन जिले की बनास, चंबल, गलवा, मोरल, गम्भीरा एवं निगोह नदी उफान पर चल रही है. भारी बारिश से जिले के करीब सभी बांध लबालब हो गए और अधिकतर पर चादर चल रही है. बांधों के निचले हिस्से में बसे दर्जनों गांव पानी की चपेट में है. सूरवाल बांध की डाउनस्ट्रीम के गांव सबसे अधिक परेशान हैं. एक दर्जन से अधिक गांवों की गलियां पानी में डूबी है. कई जगह पानी मकानों में घुस गया. गांवों के रास्ते बंद हो गए. आपस में संपर्क टूट गया. जिले के मच्छीपुरा की ढाणी, सूरवाल, अजनौटी, दुब्बी धनौली, पुसोदा आदि गांव में स्थितियां इतनी बिगड़ गई कि लोग घरों में कैद हैं, हालांकि अब जलस्तर घटने लगा है. उधर, अजमेर में रविवार सुबह फॉयसागर झील ओवरफ्लो हो गई. इसका पानी बांडी नदी के रास्ते आनासागर झील में आ रहा है. आनासागर में पानी की आवक देख निकासी की जा रही है.
आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने रविवार को सवाई माधोपुर जिले के कई इलाके का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए. सुरवाल बांध में अत्यधिक पानी आने से बांध के भराव क्षेत्र के गांवों में जलभराव ज्यादा है. खाद्य सामग्री व पशुओं का चारा भीग गया. कई लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित जगह जाने को मजबूर हो गए. सुरवाल गांव की सड़कें दरिया बन गई. रास्ते अवरुद्ध हैं. मच्छीपुरा में सूरवाल बांध का पानी घुस रहा है. इससे मच्छीपुरा, मऊ, सुनारी, सिनौली आदि में बाढ़ के हालात बन गए. मच्छीपुरा जाने के लिए मुख्य सड़क से आवागमन पूरी तरह बंद है. मुख्य सड़क टूटने से दोपहिया तथा चौपहिया वाहनों का आवागमन रोक दिया गया.
लालसोट मार्ग पर छोटे वाहनों की आवाजाही बंद: इस बीच, उफनी नदियां और बांधों के ओवरफ्लो पानी से अवरुद्ध सवाई माधोपुर-लालसोट मार्ग अभी खुला नहीं है. छोटे वाहन सड़क पार नहीं कर पा रहे, हालांकि हाईवे पर जलस्तर घटने से बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई. जड़ावता गांव में पानी घटने के बावजूद खेत लबालब हैं. खेतों में खाइयां बढ़ रही हैं. दो-दो मकान और दुकान के साथ मंदिर गिर चुका है. प्रशासन एलएनटी मशीनों से पानी का बहाव दूसरी ओर मोड़ने का प्रयास कर रहा है.
अजमेर की फॉयसागर झील ओवरफ्लो: अजमेर में लगातार बारिश से फॉयसागर झील रविवार सुबह ओवरफ्लो हो गई. झील का पानी बांडी नदी के रास्ते आनासागर झील में आ रहा है. आनासागर झील में लगातार पानी की आवक को देखकर झील से पानी की निकासी की जा रही है. चैनल गेट से झील का पानी एस्केप चैनल से होकर दौहराई तालाब जा रहा है. कई जगह एस्केप चैनल का ओवरफ्लो पानी निचली बस्तियों में घुस गया. इन बस्तियों में पम्प से पानी निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं. लोग परेशान हैं. दौहराई में रेलवे अंडरपास लबालब हो गया.यही हाल मुख्य मार्गों का है. बारिश से पहले ही सड़कों पर गड्ढे हो चुके हैं. सुभाष नगर क्षेत्र में जलभराव है. नगर निगम की टीमें मड पंप से पानी निकाल रही है. एसडीएम गरिमा नरूला ने बताया कि सुभाषनगर और दौहराई में जलभराव की समस्या है. लोगों को तत्काल राहत देने के लिए निगम की टीम मौके पर है. मड पंपों के जारी पानी बाहर निकाला जा रहा है. जल्द हालात पर काबू पा लेंगे.
प्रशासन अलर्ट: मौसम विभाग की अजमेर में तेज बारिश की चेतावनी के मद्देनजर प्रशासन सक्रिय है. कलक्टर के आदेश पर सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में सोमवार को छुट्टी रही. सोमवार दोपहर दो बजे कुछ देर रिमझिम हुई. अलर्ट को देखते बांडी नदी, आनासागर झील और एस्केप चैनल पर प्रशासन की पूरी नजर है.
कायड़ पुलिया डूबी: कायड़ क्षेत्र में पुलिया पर तालाब का पानी आ गया. इससे खुण्डियास में बाबा रामदेव के मेलार्थियों को समस्या का सामना करना पड़ा. यह मार्ग अजमेर—नागौर हाईवे है. कायड़ तालाब पुलिया डूब गई. तालाब की भराव क्षमता 19 फीट है. तालाब 15 फीट भर चुका. पुलिया की ऊंचाई कम है.




















