जयपुर : पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा हुए भले ही समय बीत गया हो, लेकिन अभी भी इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी कम नहीं हो रही है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को एक बार फिर धनखड़ के इस्तीफे पर सवाल उठाए. इसके साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदेश में बने बाढ़ के हालातों पर मौजूदा भजनलाल सरकार को निशाने पर लिया. पूर्व सीएम अशोक गहलोत और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा की ओर से उठाए गए सवालों पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने जयपुर में मीडिया से बात करते हुए पलटवार किया.
बेढम ने कहा कि पूर्व सीएम अशोक गहलोत की कांग्रेस में अब सुनवाई नहीं हो रही है. उन्हें यह अनर्गल बयान जारी करने की जगह, राजनीति से संन्यास लेकर समाज हित में अपने अनुभव के हिसाब से काम करना चाहिए. वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा के बयान पर कहा कि सरकार बाढ़ के हालातों को लेकर गंभीर हैं. लोकसभा अध्यक्ष, दो-दो कैबिनेट मंत्री, स्थानीय विधायक जनता के बीच में हैं. कांग्रेस का कोई प्रतिनिधि या कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा क्यों नहीं गए ? पहले उसका जवाब दें ?
राजनीति से सन्यास लेने का समय आ गया : जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि अशोक गहलोत राजस्थान के तीन बार मुख्यमंत्री रहे, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का जो प्रयास कर रहे हैं, जिसे कांग्रेस स्वीकार नहीं कर रही है. यह उनके लिए बड़ा विषय है. जैसी जानकारी मिली है कि राष्ट्रीय नेतृत्व कांग्रेस ने अशोक गहलोत से किनारा कर लिया है. राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी उनसे नहीं मिल रही हैं, इसलिए उन्होंने सगुफा छोड़ने का पैटर्न अपना लिया है. बेढम ने कहा कि “जब कांग्रेस नहीं चाह रही है तो आप राजनीतिक से संन्यास लेकर अपने अनुभवों का समाज में सकारात्मक कार्य में लगाइए. राजस्थान की जनता भारत जनता पार्टी को पसंद करने लगी है, उसे उद्वलित नहीं हों, दुखी नहीं हों. भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवादी संगठन है. देश में और राजस्थान में लगातार सरकार बनाकर जनता के लिए काम कर रही है.”
कांग्रेस के नेता क्यों नहीं गए ? : कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा के बयान पर कहा कि डोटासरा हमेशा आधारहीन बयान जारी करते हैं. डोटासरा तीसरी-चौथी बार के विधायक हैं, सकारात्मक बात करिए, तथात्मक बात करिए. प्रदेश अध्यक्ष बदलने की कवायत कांग्रेस में चल रही है, इसलिए वह परेशान हैं कि उन्हें कभी भी हटाया जा सकता है. वह अपनी उपस्थिति दर्ज करने के लिए बिना सिर पैर के बयानबाजी करके जनता को भड़काने का काम कर रहे हैं, लेकिन जनता उनके बहकावे में आने वाली नहीं है. अब उनका समर्थन भारतीय जनता पार्टी के साथ है. जनता भजनलाल शर्मा के विजन को पसंद कर रही है.
बेढम ने कहा कि जहां तक बाढ़ का सवाल है ईश्वर की कृपा है कि बारिश अच्छी हो रही है. बरसात से जहां-जहां कोई नुकसान हुआ है उनकी भरपाई करने के लिए नियमों में जो प्रावधान है उसके अनुसार निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री स्वयं इन पूरे हालातों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. उन्हीं के निर्देश पर वो और किरोड़ी लाल मीणा दोनों बाढ़ ग्रसित क्षेत्र में गए और लोगों के दुख दर्द समझे. बेढम ने सवाल किया कि कांग्रेस यह बताएं कि आखिर उनका कोई भी व्यक्ति क्यों नहीं गया ? क्यों डोटासरा खुद नहीं गए ? जब हमारे लोकसभा अध्यक्ष जनता की बात सुन रहे हैं, हमारे कैबिनेट मंत्री जनता की बात सुन रहे हैं, मुख्यमंत्री पल-पल की खबर ले रहे हैं और आप ऐसी विपत्ति में भी अकेले घर में सो रहे हैं. वहां से पोस्ट करने का खेल खेल रहे हैं. बयान जारी करने का काम कर रहे हैं. बेढम ने कहा कि आपदा में राजनीति के अवसर तलाशने की जगह कांग्रेस के नेताओं को चिंता करनी चाहिए जनता की, उनके दुख-दर्द की, उनके बीच में जाना चाहिए.




















