भीलवाड़ा: शाहपुरा में श्वान पकड़ने वाली टीम के सुपरवाइजर सहित छह सदस्यों को श्वानों के साथ क्रूर व्यवहार करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. सोशल मीडिया पर अमानवीय तरीके से श्वानों को पकड़ने का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय निकाय निदेशालय (DLB) ने ये कार्रवाई की. साथ ही सभी नगरीय निकायों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए. स्थानीय निकाय निदेशालय (DLB) के सचिव रवि जैन के आदेश पर भीलवाड़ा के शाहपुरा में श्वान पकड़ने वाली टीम कोनिलंबित कर दिया गया.
दरअसल, ये कार्रवाई उस वीडियो के वायरल होने के बाद की गई, जिसमें श्वानों को क्रूर और गैरकानूनी तरीके से पकड़ा जा रहा था. इस घटना में एक श्वान की मौत भी हो गई. इस सम्बंध में रवि जैन ने कहा कि पशु जन्म नियंत्रण (ABC) नियम, 2023 के अनुसार, श्वानों को केवल मानवीय तरीकों से ही पकड़ा जाना चाहिए. जैसे कि जाल या हाथ से साधारण पकड़. तार, टॉन्ग्स (लौह यंत्र) या किसी भी अन्य क्रूर तरीकों का प्रयोग सख्ती से प्रतिबंधित है. रवि जैन ने सभी नगरीय निकायों को निर्देश जारी किए हैं कि वे ABC नियम, 2023 का सख्ती से पालन करें और भारत के सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार कार्रवाई करे.
ये दिशा-निर्देश किए जारी :
- स्ट्रीट डॉग्स के लिए भोजन स्थल स्थानीय निकायों की ओर से आवासीय कल्याण संघों (RWAs) और फीडर्स से परामर्श करके तय किए जाने चाहिए.
- श्वानों को मानवीय तरीकों से पकड़ा जाए, नसबंदी (स्टरलाइज़ेशन), टीकाकरण, कृमिनाशन (Deworming) कराकर उन्हें उनकी मूल जगह पर छोड़ा जाए.
- रेबीज से पीड़ित श्वानों को ABC नियम 2023 और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सख्ती से पकड़ा और संभाला जाए, ताकि मानवीय व्यवहार और जनसुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकें.
- अब सभी नगरीय निकायों को श्वानों का नसबंदी केंद्र स्थापित करने और प्रशिक्षित स्टाफ नियुक्त करने की आवश्यकता होगी.
- सभी नगरीय निकाय जानवरों के साथ करुणा और गरिमा से व्यवहार करें. साथ ही नागरिक भी भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के दिशा-निर्देशों और लागू कानूनों के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभाए.




















