बाड़मेर: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पचपदरा रिफाइनरी को लेकर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है. गहलोत ने कहा कि सरकार की लेटलतीफी के कारण रिफाइनरी की लागत बढ़ गई है. गहलोत ने तंज करते हुए कहा कि जनता पूछ रही है कि डबल इंजन की सरकार के बाद भी रिफाइनरी का काम धीमा क्यों है ?
दरअसल, एक दिन पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के बालोतरा स्थित पचपदरा रिफाइनरी के दौरे के बाद रिफाइनरी की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा गया कि राज्य एवं केन्द्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से पिछले 6 माह में रिफाइनरी के कार्यों में उल्लेखनीय तेजी आई है और शीघ्र ही इसका संचालन प्रारंभ हो सकेगा. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी बहुत जल्द रिफाइनरी शुरू होने की बात कही.
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इधर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. सोमवार को गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 2025-26 के बजट में की गई घोषणाओं का उल्लेख किया गया. घोषणा में कहा गया था कि पचपदरा-बालोतरा स्थित रिफाइनरी अगस्त, 2025 से उत्पादन शुरू कर देगी. गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री शर्मा और केंद्रीय मंत्री पुरी के दौरे के बाद जारी बयानों और सरकारी प्रेस नोट में रिफाइनरी के उत्पादन शुरू करने की तारीख का कोई जिक्र नहीं किया गया है. उन्होंने इसे आश्चर्यजनक चुप्पी बताया, जिससे जनमानस में संदेह पैदा हो रहा है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान कोविड-19 महामारी के बावजूद रिफाइनरी का काम तेजी से हुआ और 80% से अधिक काम पूरा किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की लेटलतीफी के कारण 37,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना की लागत लगभग एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. गहलोत ने कहा कि 2013 में जब इस परियोजना का शिलान्यास हुआ था, तब सरकार बदलने के बाद यदि काम बंद नहीं किया गया होता, तो लागत इतनी नहीं बढ़ती.




















