धौलपुर: हाड़ौती क्षेत्र में भारी बारिश के चलते चंबल नदी फिर खतरे के निशान से 9.01 मीटर ऊपर पहुंच गई. जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है. वहीं, करौली और डांग क्षेत्र से पार्वती बांध के कैचमेंट एरिया में पानी की भारी आवक हुई. लिहाजा जल संसाधन विभाग ने चार गेट 2 फीट खोलकर करीब 4500 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा.
जिले में मामूली बारिश हो रही है, लेकिन हाड़ौती की बरसात धौलपुर को डरा रही है. कोटा, झालावाड़, बारां की बारिश का पानी चंबल नदी में पहुंच रहा है. इसके चलते चंबल नदी खतरे के निशान 130.79 मीटर को पार कर गई. नदी का जलस्तर 139.90 मीटर पहुंच गया. यह खतरे के निशान से 9.01 मीटर ऊपर पहुंच गई. उधर, चंबल की बाढ़ से राजाखेड़ा क्षेत्र के दो दर्जन गांव प्रभावित हो सकते हैं. अलर्ट प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित जगह जाने की नसीहत दी. चंबल का जलस्तर पुराने पुल के करीब पहुंच गया. करीब 20 दिन पहले भी चंबल नदी ने जिले में रौद्र रूप दिखाया था. तब लोगों को रेस्क्यू करने के लिए सेना बुलानी पड़ी थी.
पार्वती बांध से छोड़ा पानी: उधर करौली और डांग क्षेत्र में जोरदार बारिश से पार्वती बांध के कैचमेंट एरिया में पानी की अच्छी आवक हुई. पार्वती बांध का गेज लेवल 223.41 मीटर है, जबकि जलस्तर 223.20 मीटर पहुंच गया. जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता पपेन्द्र मीणा ने बताया कि गेज मेंटेन करने के लिए चार गेट 2 फीट खोले और करीब 4500 क्यूसेक पानी शनिवार शाम छोड़ा. पार्वती नदी में पानी छोड़ने के बाद सैपऊ- बाड़ी रपट मार्ग, मालोनी खुर्द रपट मार्ग, सखवारा रपट मार्ग, ठेकुली रपट मार्ग पर चादर चल रही है. पुलिस और प्रशासन ने आवागमन रूकवा दिया.




















