सवाईमाधोपुर: जिले में शुक्रवार से जारी मूसलाधार बारिश का दौर शनिवार को भी थोड़ा बहुत जारी रहा. इसके चलते जिले कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए. सभी नदियां और नाले उफान पर हैं. बनास, चंबल, गलवा, मोरल, गंभीरी और निगोह नदी उफान पर बह रही हैं. 18 में से 12 बांध ओवरफ्लो हो गए हैं. इससे बांधों के निचले इलाकों में बसे दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए. सबसे ज्यादा परेशानी सूरवाल बांध के ओवरफ्लो होने से हुई. बांध के डाउनस्ट्रीम इलाकों में करीब एक दर्जन से अधिक गांवों में पानी भर गया. गांवों से निकलने के रास्ते पूरी तरह से बंद हो गए हैं.
सूरवाल बांध के निचले इलाके में बसे मच्छीपुरा की ढाणी, सूरवाल, अजनौटी, दुब्बी, धनौली, पुसोदा, करमोदा और शेषा सहित कई गांवों में हालात इतने खराब हैं कि लोग घरों से निकल भी नहीं पा रहे हैं. बांध का पानी कोटा-लालसोट मेगा हाइवे पर आ गया है, जिससे हाइवे दरिया में तब्दील हो गया है. हाइवे पर दो से तीन फीट तक पानी बह रहा है. यातायात पूरी तरह से बाधित है. गांवों में खाद्य सामग्री और पशुओं का चारा तक भीग गया है. कई लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर दूसरों के घरों में आश्रय लेने को मजबूर हैं.
दरिया बनी सड़कें: सूरवाल गांव की सड़कें दरिया बनी हुई है. भगवतगढ़ मार्ग पर बनी पुलिया में पानी की निकासी के लिए लगाए गए छोटे पाइप पानी का वेग सहन नहीं कर पा रहे हैं. सड़क पर करीब 3 से 4 फीट पानी बह रहा है. खेतों में पानी भरने से फसलें नष्ट हो गई. मोरल नदी क्षेत्र के मायापुरी, आनंदपुरा, डुंगरी, गोज्यारी आदि गांवों का संपर्क कटा हुआ है. निगोह और बनास नदी के उफान पर आने से मलारना मार्ग अवरुद्ध है और सैनीपुरा, तिबारा, दोनायचा, बिच्छीदोनों, रघुवंटी, चक बिलोली, गोखरूपुरा, पिलवा, श्यामोली, सांकड़ा, मकसुदनपुरा, चोहनपुरा, बालोली आदि दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में है.
लालसोट मार्ग अवरुद्ध: सवाईमाधोपुर से लालसोट जाने वाला मेगा हाईवे पर पानी भरा है. छोटे वाहन नहीं निकल पा रहे. सड़क पर कई कारें पानी में फंस गईं, जिन्हें लोग धक्का देकर निकालते नजर आए. हाईवे पर एक ट्रैक्टर और कैंटर पलट गया. सूरवाल बांध के ओवरफ्लो होने से खतरा बढ़ गया है. हाईवे पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. लालसोट-कोटा मेगा हाईवे पर चार किलोमीटर जल भराव है. कई ग्रामीण अपने ट्रैक्टरों के माध्यम से लोगों को एक तरफ से दूसरी तरफ छोड़ने के पैसे ले रहे हैं. जिला कलेक्टर कानाराम ने जिलावासियों से जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने की अपील की है. कलेक्टर ने कहा है कि आमजन किसी भी प्रकार की सहायता के लिए जिला प्रशासन द्वारा स्थापित कंट्रोल रूम के नंबर पर संपर्क कर सकते हैं.




















