जयपुर: बारिश के इस मौसम में इन दिनों बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है. मानसून के दौरान आमतौर पर डेंगू, मलेरिया आदि का खतरा बना रहता है, लेकिन इन दिनों बच्चों में एक नया वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है. छोटे बच्चों में हैंड-फुट-माउथ डिजीज (HFMD) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. यह एक वायरल संक्रमण है, जो ज्यादातर 10 साल से कम उम्र के बच्चों को अपनी चपेट में ले रहा है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल अग्रवाल का कहना है कि यह बीमारी कॉकसैकी वायरस और एंटरोवायरस के कारण होती है. यह वायरस संक्रमित बच्चे के खांसने-छींकने, थूक, नाक के स्राव, मल और संक्रमित खिलौनों या वस्तुओं के संपर्क में आने से फैलता है. बारिश के मौसम में नमी और गंदगी की वजह से यह संक्रमण और तेजी से फैलता है.
कैसे पहचानें इस बीमारी को: डॉ. अग्रवाल का कहना है कि आमतौर पर हैंड-फुट-माउथ बीमारी के लक्षण थोड़े अलग होते हैं. यदि आपका बच्चा खाना खाते समय गले में दर्द की शिकायत करता है, तो ये हैंड-फुट-माउथ बीमारी के लक्षण हो सकते हैं.
सावधानियां रखनी जरूरी: डॉ. अग्रवाल का कहना है कि HFMD आमतौर पर 5 से 7 दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन बच्चों को आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ और साफ-सफाई बेहद जरूरी है. यह बीमारी ज्यादा गंभीर नहीं होती, लेकिन यदि बच्चे को लगातार तेज बुखार, बार-बार उल्टी, ज्यादा कमजोरी या पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) जैसी दिक्कत हो, तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए.
छोटे बच्चों को अधिक खतरा: चिकित्सकों का कहना है कि छोटे बच्चों में यह बीमारी होने का सबसे ज्यादा खतरा होता है, क्योंकि आमतौर पर यह बीमारी छोटे बच्चों में ही पाई जाती है. स्कूल और खेल के मैदान में बच्चे आपस में संपर्क में आते हैं तो बीमारी काफी तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है. हालांकि, यह बीमारी 10 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को बहुत कम प्रभावित करती है.
चिकित्सक से परामर्श जरूरी: चिकित्सकों का कहना है कि हैंड-फुट-माउथ डिजीज आमतौर पर एक सप्ताह के भीतर ठीक हो जाती है, लेकिन फिर भी चिकित्सक के परामर्श के बिना कोई भी उपचार नहीं लें, क्योंकि आमतौर पर यह बीमारी छोटे बच्चों में सबसे अधिक पाई जाती है और छोटे बच्चों को किसी भी तरह की दवा देने से पहले चिकित्सक का परामर्श काफी जरूरी है.




















