डूंगरपुर: जिले में दो दिन से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है. जलाशयों में पानी की आवक हो रही है. बांसवाड़ा के माही बांध के गेट खुलने के बाद बेणेश्वर धाम टापू में तब्दील हो गया. बेणेश्वर धाम को जोड़ने वाले तीनों पुलों पर 2 से 5 फीट की चादर चल रही है. वहीं, परिजनों की अस्थियां विसर्जन करने आए लोगों को पुलों से पहले ही विसर्जन करना पड़ रहा है. जिले में औसतन 700 एमएम बारिश होती है. अभी तक 512 एमएम बारिश हो चुकी है.
जिला कंट्रोल रूम के अनुसार, माही बांध के गेट खुलने से माही नदी में पानी की भारी आवक हो रही है. इसके चलते जिले का बेणेश्वर धाम टापू में तब्दील हो गया. बेणेश्वर धाम को जोड़ने वाले साबला, वलाई और बांसवाड़ा तीनों पुलों पर चादर चल रही है. इससे धाम पहुंचने के सभी मार्ग बंद हो गए. पुलों पर पानी होने से पुलिस ने सुरक्षा इंतजाम किए. पुलों पर चादर चलने से अस्थियां विसर्जित करने आए परिजन धाम तक नहीं पहुंच पाए. उन लोगो को पुलों से पहले ही अस्थि विसर्जन करना पड़ा.
जिला कंट्रोल रूम के अनुसार, जिले में शुक्रवार सुबह 8 बजे तक 24 घंटों में औसत करीब 23 एमएम बारिश हुई है। सबसे ज्यादा धम्बोला में 71 एमएम बारिश हुई. गलियाकोट में 38, चिखली में 31, आसपुर में 29, कनबा में 27, निठाउवा में 25, सागवाड़ा में 19, वेजा में 16, डूंगरपुर और देवल में 10- 10 एमएम बारिश हुई.




















