जयपुर : सवाई माधोपुर जिले में मूसलाधार बारिश का दौर फिर शुरू हुआ. गुरुवार रात से जारी भारी बरसात के चलते हालात बिगड़ गए. चारों तरफ जलभराव की स्थिति बन गई. जिला मुख्यालय पर बीते 24 घंटे में रिकॉर्ड 246 मिमी बारिश दर्ज की गई. लगातार बारिश से लटिया नाला ओवरफ्लो होकर बहने लगा. इसके चलते पुराने शहर में जलभराव की समस्या गहरा गई. उपखंड क्षेत्र से गुजर रहे NH-552 पर उघाड़ पुलिया टूट गई. इससे सवाई माधोपुर-श्योपुर-खंडार का संपर्क कट गया. मानसरोवर बांध से भारी पानी की निकासी के कारण पुलिया टूटी है. पुलिया में पहले मिट्टी भरकर मरम्मत की थी, लेकिन लगातार बारिश ने फिर बहा दिया.
स्कूलों में अवकाश घोषित: भारी बारिश और बिगड़ते हालात को देखते कलेक्टर कानाराम ने जिले भर में कक्षा 1 से 12वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया. जिप CEO गौरव बुडानिया, ADM संजय शर्मा और नगर परिषद आयुक्त नरसी मीणा समेत प्रशासन के अधिकारी लगातार फील्ड में हालात का जायजा ले रहे हैं. जिले में लगातार बरसात से टोंक-चिरगांव नेशनल हाईवे-552 बाधित हो गया. इसके अलावा सवाई माधोपुर से कुंडेरा मार्ग भी अवरुद्ध हो गया. रणथंभौर क्षेत्र में भी मूसलाधार बारिश ने स्थिति बिगाड़ दी. त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर पानी का तेज बहाव होने से वन विभाग ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते रास्ता बंद कर दिया. वहीं, मिश्र दर्रा पर पानी का स्तर बढ़ जाने से मार्ग बंद करना पड़ा.
रणथंभौर सफारी पर रोक: रणथंभौर नेशनल पार्क में भी भारी बारिश हुई. झरने बह रहे हैं. नदी-नाले उफान पर हैं. इस वजह से सफारी फिलहाल बंद कर दी गई. त्रिनेत्र गणेश मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते शेरपुर गणेश धाम का प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया.
घरों में दो से तीन फीट पानी भरा: सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय समेत विभिन्न गांवों व कस्बों में निचले इलाकों में घरों में दो से तीन फीट पानी भर गया. घरेलू सामान खराब हो गया. प्रशासन ने जलभराव वाली जगह सिविल डिफेंस व एसडीआरएफ की टीमें लगाई है. जिले की चम्बल, बनास, गलवा, मोरेल, गंभीरा आदि नदियां उफान पर है. जिला मुख्यालय की राजबाग, मिर्जा मोहल्ला, खटीक मोहल्ला, राजनगर, जटवाड़ा समेत दर्जनों कॉलोनियों जलमग्न है. मुख्य बाजार की दुकानों में पानी भर गया. लटिया नाले के उफान में कई पशु बह गए.
बारां जिले में भी बिगड़े हालात: बारां में भी लगातार बारिश हो रही है. कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने अतिवृष्टि की आशंका को देखते जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया. आमजन से अपील की कि जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें. समस्या पर प्रशासन को तुरंत सूचना दें. जिले के केलवाड़ा क्षेत्र में 40 घंटे से तेज बारिश जारी है. कई गांव टापू बन गए. सड़क संपर्क टूट गया. नदी-नालों व तालाबों पर 2 से 3 फीट की चादर चल रही है. कई पुलिया क्षतिग्रस्त हो गईं. जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया.
कोटा और बूंदी में भी बारिश से हाहाकार: कोटा शहर और आसपास के गांवों में देर रात से झमाझम बारिश हो रही है. पिछले 24 घंटे में 35.6 मिमी बरसात दर्ज हुई है. कोटा बैराज के चार गेट खोलकर 40,000 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है.दीगोद कस्बे में बाढ़ जैसे हालात बन गए. सड़कें नदियों में तब्दील हो गई. कई दुकानों में पानी भर गया है. सुल्तानपुर कस्बे में भी बाजारों में पानी बह रहा है. इटावा नगर में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है. बूंदी जिले के नमाना क्षेत्र में लगातार बारिश से पुलिया पर पानी आ गया है, जिससे गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया.
बांधों का जलस्तर बढ़ा: प्रदेश में मानसून के फिर प्रभावी होने के साथ ही प्रमुख बांधों में पानी की आवक तेज हो गई. जयपुर समेत तीन जिलों की लाइफलाइन बीसलपुर बांध में पानी की आवक बढ़ने से डाउनस्ट्रीम में 1503 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. पाली जिले में सुमेरपुर के जवाई बांध का जलस्तर 45 फीट पार हो गया है. कैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश होने से बांधों और नहरों में पानी की स्थिति बेहतर हुई है. इससे किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है.




















