बाड़मेर: कद्दावर जाट नेता एवं पूर्व सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव मोहनगढ़ में अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम यात्रा में शामिल जन सैलाब ने नम आंखों से अपने नेता को विदाई दी. ‘कर्नल सोनाराम चौधरी अमर रहे’ के नारों के साथ जब अंतिम यात्रा उनके आवास से निकली, तो हर कोई भावुक हो गया.
इससे पहले चौधरी के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर रखा गया. यहां विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. नेताओं ने पुष्प अर्पित कर कर्नल चौधरी के व्यक्तित्व और क्षेत्र के लिए उनके योगदान को याद किया. राज्यमंत्री केके विश्नोई, बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी, बायतु विधायक हरीश चौधरी, बाड़मेर विधायक डॉ प्रियंका चौधरी, जैसलमेर पूर्व विधायक रूपाराम धनदे, बाड़मेर जिला प्रमुख महेंद्र चौधरी, जैसलमेर पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल सहित कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.
अंतिम यात्रा उनके आवास से शुरू होकर मोहनगढ़ के मुख्य मार्गों से गुजरी. इस दौरान सड़कों के किनारे खड़े लोगों ने अपने नेता के प्रति सम्मान व्यक्त किया. यात्रा मोहनगढ़ के श्मशान घाट पहुंची. जहां उनके पुत्र डॉ रमन चौधरी ने मुखाग्नि दी. इसी के साथ कर्नल सोनाराम चौधरी पंचतत्व में विलीन हो गए. अपने छोटे भाई को अंतिम विदाई देते हुए बड़ा भाई फूट-फूटकर रो पड़े. जिसपर आसपास खड़े लोगो ने उन्हें संभालते हुए ढांढस बंधाया.
बता दें कि पूर्व सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी की बुधवार को दिल्ली में एक मीटिंग के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई थी. इस पर उन्हें तुरंत अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहां देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली. गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर नई दिल्ली से हवाई मार्ग से उतरलाई लाया गया. इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को बाड़मेर स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया. कर्नल सोनाराम चौधरी करीब 26 साल तक सेना में सेवाएं देने के बाद वर्ष 1996 में राजनीति में एंट्री करते हुए सांसद बने और बाड़मेर जैसलमेर से चार बार सांसद रहे. वे एक बार बायतु से विधायक भी रहे.




















