जोधपुर: नवदुर्गा मंदिरों में इस बार 9 दिन की जगह 10 दिन नवरात्र के दौरान धार्मिक अनुष्ठान होंगे. शारदीय नवरात्र इस बार 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मनाए जाएंगे. क्योंकि इस बार नवरात्र में तृतीया तिथि दो दिनों (24 और 25 सितंबर) तक रहेगी. ज्योतिषियों के अनुसार नवरात्र की तिथि बढ़ना शुभ माना जाता है. तिथि में बढ़त के कारण नवरात्र समापन दिवस के दिन ही दशहरा भी मनाया जाएगा. ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा 22 सितंबर को रात 1:23 बजे से प्रारंभ होकर 23 सितंबर को रात 2:55 बजे तक रहेगी. इसके कारण एक नवरात्र दिवस बढ़ेगा.
इस बार गज पर सवार होकर आ रही माता: पंडित अनीश व्यास ने बताया कि इस बार नवरात्र सोमवार से प्रारंभ हो रहे हैं. इसलिए माता दुर्गा का वाहन हाथी रहेगा. पुरातन धार्मिक मान्यता है कि हाथी पर माता का आगमन सुख-समृद्धि, शांति और भरपूर वर्षा का प्रतीक होता है. इससे राज्य और देश में अन्न-धन की वृद्धि और समृद्धि का संकेत मिलता है. जो सभी के शुभ मंगल दायक होगा.
मारवाड़ के शक्तिपीठों में उमड़ती है भीड़: मारवाड़ में मेहरानगढ की चामुंडा माता, नाडोल की अशापूरा माता, तनोट की तनोट माता, भीनमाल की सुंधा माता व जसोल की भटियाणी माता मंदिर की मान्यता यहां के शक्तिपीठ के रूप में बन गई है. पूरे साल यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं. यह सभी मंदिर 500 से 1000 साल पुराने होने के साथ इनके प्रति लोगों की आस्था लगातार मजबूत होती जा रही है. मेहरानगढ़ स्थित मां चामुण्डा को जोधपुर सहित मारवाड़ के लोगों की इष्ट देवी के रूप में मानी जाती है.
अधिकमास के चलते इस बार हर व्रत त्योहार जल्दी: 2023 में अधिकमास था और अगला अधिकमास 2026 में आएगा, जो 17 मई से 15 जून तक होगा. इसी फर्क के चलते इस बार श्रावण मास 11 जुलाई से शुरू हुआ था, जो 8 अगस्त तक चला. जबकि गत बार 22 जुलाई से शुरू हुआ था. पिछले 2 साल की तुलना में इस बार सभी पर्व जल्दी आ रहे हैं. इसमें गणेश चतुर्थी, अनंत चतुर्थदशी, सर्व पितृ अमावस, नवरात्र प्रारंभ, दशहरा और दिवाली सभी गत वर्ष की अपेक्षा 10 दिन पहले आ रहे हैं.
नवरात्र का क्रम:
- 22 सितंबर (सोमवार) – प्रतिपदा
- 23 सितंबर (मंगलवार) – द्वितीया
- 24 सितंबर (बुधवार) – तृतीया
- 25 सितंबर (गुरुवार) – तृतीया
- 26 सितंबर (शुक्रवार) – चतुर्थी
- 27 सितंबर (शनिवार) – पंचमी
- 28 सितंबर (रविवार) – षष्ठी
- 29 सितंबर (सोमवार) – सप्तमी
- 30 सितंबर (मंगलवार) – अष्टमी
- 01 अक्टूबर (बुधवार) – नवमी
- 02 अक्टूबर (गुरुवार) – दशहरा




















