कोटा: संभाग में मानसून के पहले दौर में ही काफी अच्छी बारिश हुई थी. इस दौरान अतिवृष्टि जैसा माहौल बन गया था. भारी बारिश के चलते सड़कों और पुलियों को भारी नुकसान पहुंचा है. सार्वजनिक निर्माण विभाग की ही बात की जाए तो करीब एक हजार किमी सड़कें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है. इनकी स्थायी मरम्मत की आवश्यकता है. इनमें बड़ी संख्या में पुलियाएं व अन्य संरचनाओं की भी शामिल हैं, जिनमें सुरक्षा दीवारें (प्रोटेक्शन वॉल) और सीसी पेवमेंट भी शामिल हैं. ऐसे में कोटा संभाग के चारों जिलों से करीब 750 करोड़ रुपए की दरकार है. इस संबंध में जिलों से मरम्मत के प्रस्ताव बनाकर मुख्य अभियंता को भेजे गए हैं.
सार्वजनिक निर्माण विभाग कोटा के अतिरिक्त मुख्य अभियंता निशु गुप्ता ने बताया कि संभाग के चारों जिलों से खराब हुई सड़कों के संबंध में जानकारी मांगी गई थी. इसके बाद सभी अधिशासी अभियंताओं ने जानकारी जिला मुख्यालय पर भेजी है. बाद में यह जानकारी विभाग के मुख्य अभियंता को भेज दी गई.
सबसे ज्यादा सड़कें बारां में हुई खराब: अतिरिक्त मुख्य अभियंता के अनुसार सबसे ज्यादा सड़कें बारां में खराब हुई है. इनकी मरम्मत के लिए 291 करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी. अतिरिक्त मुख्य अभियंता गुप्ता ने बताया कि बारां में 320 किलोमीटर लंबी सड़कें और पुलियाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं. इसकी मरम्मत के लिए 291.38 करोड़ रुपए के प्रस्ताव बनाए गए हैं. इसके बाद बूंदी जिले से 189.88 करोड़ रुपए के प्रस्ताव मुख्य अभियंता को भेजे गए हैं. पूरे बूंदी जिले में करीब 300 किलोमीटर से ज्यादा सड़कें खराब हुई हैं, जिनमें 144 संरचनाएं (सड़कें, पुलियां व अन्य स्ट्रक्चर) शामिल हैं. इसी तरह झालावाड़ जिले से 169.15 करोड़ रुपए के प्रस्ताव भेजे गए हैं. यहां भी ढाई सौ किलोमीटर से ज्यादा लंबी सड़कें खराब हुई हैं, जिनमें 316 सड़कें और पुलियाएं शामिल हैं. सबसे कम प्रस्ताव कोटा जिले से हैं. यहां 218 किलोमीटर लंबी सड़कें क्षतिग्रस्त हुई है. इनकी मरम्मत के लिए 97.75 करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी.
कई सड़कों की हो चुकी है अस्थायी मरम्मत: संभाग में खराब हुई सड़कों में स्टेट हाईवे, मुख्य जिला सड़कें और ग्रामीण सड़कें शामिल हैं. यह अधिकांश सड़कें राज्य राजमार्ग या राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ती हैं. इनमें कई सड़कों का एप्रोच बह गया था. कई जगह रिटेनिंग वॉल या प्रोटेक्शन वॉल गिर गई थी. ऐसे में कई पुलियों पर सीमेंट कंक्रीट (सीसी) की मरम्मत करनी है. पानी भर जाने के चलते कई कंक्रीट पुलिया पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं. इनमें बारां जिले के नाहरगढ़ इलाके में भारी बारिश के चलते एक क्षेत्र टापू-जैसा अलग-थलग हो गया था. जलवाड़ा, ख्यावदा व बजरंग नगर की पुलियां भी टूट गई. इसी तरह कोटा जिले के खातौली इलाके में मदनपुरा, गोवर्धनपुरा, संग्रामपुरा, रघुनाथपुरा, डोली, नारायणपुरा, किरपुरिया, ख्यावदा, कजलिया सहित कई यातायात मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए थे. नदी-नालों के कटाव से ये सड़कें भी बह गई थीं, जिनकी अस्थायी रूप से मरम्मत करके यातायात शुरू किया गया है. अब इनकी स्थायी मरम्मत की आवश्यकता है.




















