खैरथल : किशनगढ़बास कस्बे में आदर्श कॉलोनी में ड्रम के अंदर युवक की लाश मिलने के मामले में आरोपियों की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगी हुई हैं. इस पूरे मामले में मकान मालिक का बेटा और मृतक की पत्नी और तीन बच्चे वारदात के बाद से फरार हैं, जिनकी तलाश में टीम लगी हुई है. बताया जा रहा है कि मृतक की पत्नी को रील्स बनाने का शौक था.
पुलिस उप अधीक्षक राजेन्द्र सिंह ने बताया कि हंसराम उर्फ सूरज उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले का रहने वाला था. वो चार-पांच माह से किशनगढ़बास के पास ईंट भट्टे पर कार्य कर रहा था. वहीं पर उसकी दोस्ती मुनीम का काम करने वाले जितेंद्र से हुई. बारिश में ईंट भट्टे पर काम बंद होने पर जितेंद्र ने जल्द ही उसे किसी दूसरी जगह काम दिलाने की बात कह अपने घर पर किराए पर रख लिया.
राजस्थान में नीले ड्रम में मिली युवक की लाशः शव को गलाने के लिए नमक डाला
हंसराम अपनी पत्नी के साथ जितेंद्र के मकान में किराए पर रहता था. जन्माष्टमी पर शनिवार को हंसराम, उसकी पत्नी और जितेंद्र घर पर ही थे. रविवार शाम को युवक का शव घर की छत पर रखे नीले ड्रम में बरामद हुआ. उस समय मौके से मृतक की पत्नी, तीनों बच्चे और जितेंद्र फरार थे. शव को गलाने के नमक डाला हुआ था.
मृतक के गले पर धारदार हथियार से हमले के निशान भी मिले हैं. आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें राजस्थान व उत्तर प्रदेश सहित अन्य स्थानों पर दबिश दे रही हैं. शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराया जाएगा.
ड्रम लेकर गई थी मृतक की पत्नी : मकान मालकिन मिथलेश ने बताया कि युवक हंसराम डेढ़ माह पहले उनके मकान में किराए रहने आया था. उसके साथ पत्नी व तीन बच्चे थे. वो घर की छत पर एक कमरे में रहते थे और 1500 रुपए किराया देते थे.
हंसराम ने बताया कि वह ईंट भट्टे पर कार्य करता है. करीब सात दिन पहले मृतक की पत्नी लक्ष्मी उर्फ सुनीता उससे पानी भरने के लिए ड्रम लेकर गई थी. रविवार शाम को वह हंसराम व उसके परिजनों को देखने के लिए घर की छत पर गई तो उसे दुर्गंध आई, इस पर उसने तुरंत पुलिस को सूचना और बाद में पुलिस ने वहां पहुंचकर ड्रम से युवक का शव बरामद किया.
मकान मालिक के बेटे ने घरवालों को भी गुमराह किया : मकान मालकिन मिथलेश ने बताया कि डेढ़ महीने पहले बेटा जितेंद्र हंसराम के परिवार को अपने यहां किराए के लिए लेकर आया था. जितेंद्र ने अपने पिता राजेश शर्मा को हंसराम और उसकी पत्नी का नाम गलत बताया था. उसने हंसराम का नाम सूरज बताया, जबकि पत्नी लक्ष्मी का नाम सुनीता बताया. घर वालों को आज भी इनके नाम सूरज और सुनीता ही पता हैं.
जितेंद्र ही हंसराम को लाया ईंट भट्टे पर : ईंट भट्टा मालिक ने बताया कि हंसराम पहले किसी दूसरी जगह काम करता था. जितेंद्र उनके यहां मुनीम का काम करता था और वही उसे यहां काम के लिए लेकर आया. इसके बाद हंसराम व उसकी पत्नी यहां ईंट भट्टे पर काम करते थे. पिछले दिनों करीब 25 जून को उनका यहां से हिसाब कर दिया था. इसके बाद वे यहां से चले गए. पुलिस उप अधीक्षक राजेन्द्र सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है, उनके निर्देशन में मामले में कार्रवाई की जा रही है. पुलिस की ओर से जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा.
पूरा मामला 17 अगस्त का है, जहां मकान मालकिन मिथलेश ने छत पर ड्रम से बदबू आने की सूचना पुलिस को दी थी. इस पर पुलिस मौके पर पहुंची तो छत पर बने कमरे में नीला ड्रम रखा था. ड्रम में युवक का शव पड़ा मिला. शव पर नमक डाल रखा था. जांच में सामने आया कि हंसराम का धारदार हथियार से गला काटा गया था.




















