चित्तौड़गढ़: वैश्विक आस्था के केंद्र चित्तौड़गढ़ जिले के श्री सांवलियाजी मंदिर में शनिवार को जन्माष्टमी परंपरा के अनुसार धूमधाम से मनाई जाएगी. आधी रात भगवान के जन्म के समय महाआरती होगी. भगवान को जन्म घुट्टी पिलाई जाएगी. श्रद्धालुओं में पंजेरी का प्रसाद बांटा जाएगा. जन्माष्टमी पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इसे देखते मंदिर प्रशासन ने विशेष तैयारियां की है. मंदिर परिसर को भव्य सजाया गया. पूरा कस्बा रोशनी से सराबोर है.
जन्मोत्सव की तैयारियां पूरी: मंदिर के ओसरा पुजारी कमलेश दास वैष्णव ने बताया कि जन्माष्टमी को सुबह-शाम की नियमित पूजा-अर्चना होगी. रात 10.30 बजे से दर्शन बंद कर दिए जाएंगे. भगवान के जन्म की तैयारियां शुरू होंगी. ठीक 12.05 बजे भगवान के जन्मोत्सव पर परदा हटाकर दर्शन होंगे और महाआरती की जाएगी. इसके बाद भगवान को भोग अर्पित कर श्रद्धालुओं को पंजेरी का प्रसाद वितरित किया जाएगा.
अखाड़ा प्रदर्शन और भजन संध्या: जन्माष्टमी पर श्री सांवलियाजी कस्बे में अखाड़ा प्रदर्शन और माखन मटकी फोड़ लीला होगी. पीपलोदा उज्जैन के श्री बजरंग अखाड़ा के कलाकार अखाड़ा प्रदर्शन करते कस्बे में लगी मटकियां फोड़ेंगे. मंदिर मंडल की ओर से मीरा रंगमंच डोम परिसर में विशाल भजन संध्या होगी. इसमें प्रसिद्ध भजन गायक छोटूसिंह रावणा अपने भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां देंगे.
विशेष सजावट और सुरक्षा इंतजाम: अतिरिक्त जिला प्रभारी गौतम ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं. मंदिर परिसर और बाहर विशेष सजावट की गई है. भगवान के जन्म के समय आतिशबाजी की जाएगी और भजन संध्या होगी. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवास, पेयजल, सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था और वाहन पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है.
श्रद्धालुओं की बढ़ी आस्था: जन्माष्टमी पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु सांवलियाजी के दर्शन के लिए चित्तौड़गढ़ पहुंचेंगे. यहां भगवान सांवलिया सेठ को कृष्ण स्वरूप में पूजा जाता है. भक्तों की गहरी आस्था के कारण यहां भारी चढ़ावा चढ़ता है. माना जाता है कि सांवलिया सेठ भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं. बिजनेस में भी उन्हें भागीदार बनाया जाता है. व्यापारी अपनी आय का कुछ हिस्सा मंदिर भंडार में चढ़ाते हैं. यही कारण है कि हर माह यहां करोड़ों रुपए का चढ़ावा निकलता है. यह राशि मंदिर, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और क्षेत्र के विकास कार्यों पर खर्च की जाती है.
डूंगरपुर में ऑपरेशन सिंदूर की झांकी: उधर, डूंगरपुर जिले में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शहर के माणक चौक स्वामीनारायण (राधा-कृष्ण) मंदिर में ऑपरेशन सिंदूर की झांकी से देशभक्ति का संदेश दिया गया. सोमपुरा समाज एवं सोमपुरा नवयुवक मंडल ने मंदिर में भारत की सैन्य ताकत दिखाई. मिसाइल और रक्षा प्रणाली को सजाया. नवयुवक मंडल अध्यक्ष योगेश एम सोमपुरा ने बताया कि पाकिस्तानी आतंकियों ने पहलगाम में निर्दोष लोगों की हत्या की. भारत ने जवाब में ऑपरेशन सिंदूर चलाया. जन्माष्टमी पर इसी ताकत को दिखाने ऑपरेशन सिंदूर की झांकी सजाई. इसमें भारतीय लड़ाकू विमान राफेल के साथ ब्रह्मोस मिसाइल, अग्नि, आकाश मिसाइल ओर रक्षा प्रणाली एस 400 के डेमो का प्रदर्शन किया. जवानों के इस अदम्य साहस और भारत की अत्याधुनिक सैन्य क्षमताओं को प्रदर्शित किया. सिंधु जल समझौते के तहत पानी रोकने की भी झांकी सजाई. जन्माष्टमी पर विशेष पूजा के साथ ही रात में आरती व भजन संध्या होगी.




















