डूंगरपुर: सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली 12 साल की किम सोमपुरा सड़क हादसों में लोगों की जान बचाने के लिए खुद सड़क पर उतरकर जागरूकता फैला रही हैं. किम सड़क किनारे गाड़ी चलाने वालों से बात कर उन्हें हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की समझाइश देती हैं.
डूंगरपुर शहर की किम सोमपुरा बृजेश कुमार सोमपुरा और नीता सोमपुरा की बेटी हैं. वह अपने माता-पिता की तरह ही समाजसेवा के जरिए लोगों को जागरूक करना चाहती है. किम कहती हैं कि हेलमेट न पहनने या सीट बेल्ट न लगाने से कई बार दुर्घटनाओं में लोगों की जान चली जाती है. इससे बचाने के लिए मेरे पिता और मां लंबे समय से प्रयासरत हैं. अब उसने भी यह जिम्मेदारी उठाई है.
रोजाना की मुहिम: किम अपने पिता बृजेश के साथ हेलमेट पहनकर बाइक से सड़कों पर निकलती हैं. जहां भी बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चालक दिखते हैं, वहां वे उन्हें नियमों का पालन करने की सलाह देती हैं. लोग भी इस बच्ची की बात मानकर भरोसा दिलाते हैं. किम जिलेभर में सड़कों, दुकानों, चाय की दुकानों और होटलों पर रुक-रुककर लोगों को जागरूक करती हैं. उनके प्रयासों का असर भी दिखने लगा है.
परिवार का सामाजिक योगदान: किम ने 2022 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री आवास जयपुर में काव्य पाठ भी किया था. वहीं, उनके माता-पिता बृजेश और नीता सोमपुरा ने 2015-16 में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत राजस्थान-गुजरात के कई जिलों में 8 महीने तक यात्रा कर कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बेटियों को शिक्षित करने का संदेश दिया था. इसके अलावा उन्होंने बाल विवाह रोकने और आत्महत्या की रोकथाम के लिए भी जागरूकता अभियान चलाए हैं.




















