कोटा : कोटा से झालावाड़ के बीच नेशनल हाईवे 52 पर दरा घाटी और अमझार नदी की पुलिया को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. पुल की तकनीकी स्थिति को लेकर पीडब्ल्यूडी की ओर से असेसमेंट रिपोर्ट तैयार की गई, जिसके बाद भारी वाहनों का ट्रैफिक यहां से पूरी तरह बंद कर दिया गया है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में मंत्री हीरालाल नागर, शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर, जिला कलेक्टर और एनएचएआई के अधिकारी मौजूद थे. बैठक में पुल की स्थिति की जांच एक स्वतंत्र एजेंसी से कराने और वैकल्पिक मार्ग विकसित करने का निर्णय लिया गया.
दूसरी तरफ इस पूरे मामले में वैकल्पिक मार्ग के रूप में रियासत कालीन पुलिया को भी तैयार करवाया जा रहा है. हालांकि फिलहाल यह वैकल्पिक मार्ग चालू होने में कुछ समय लगेगा. इस रास्ते का निरीक्षण करने के लिए भी प्रदेश के शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर पहुंचे थे. उन्होंने पूरी तरह से इस पुलिया के रीअसेसमेंट की मांग की है. इससे पहले ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की तरह दरार पहले भी इस पुलिया पर थी. ऐसे में इस पर से हल्के वाहनों को निकाल जारी रखने की निर्देश दिए थे. साथ ही स्वतंत्र एजेंसी से विस्तृत जांच कराकर नई सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट बनाने को कहा था, ताकि पुल की मरम्मत या मजबूती के कार्य करवाएं जा सकें. इसके साथ ही चेचट से सीधा भटवाड़ा वाले रास्ते को भी देखा जा रहा है.
भीड़ बढ़ने के चलते अतिरिक्त ट्रेन चलाने की मांग : ट्रैफिक डायवर्जन के चलते कोटा से झालावाड़ जाने वाली बसें दूसरे रूट से चलाई जा रही हैं. इसके चलते मोड़क व अन्य आसपास के गांव का कनेक्शन बस से फिलहाल कटा हुआ है. जोनल रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (ZRUCC) के सदस्य धीरज गुप्ता तेज का कहना है कि दरा के नाल से ट्रैफिक बंद होने के चलते बसों डायवर्टेड रूट से जा रही है. ऐसे में ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ गई है. पर्याप्त यात्री भार भी ट्रेनों में आ रहा है. ऐसे में उन्होंने मांग की है कि झालावाड़ से कोटा के बीच में अतिरिक्त ट्रेन चलाई जाए, ताकि यात्रियों को राहत इससे दी जा सकें.
बढ़ गई है परेशानी, ज्यादा टोल और दूरी तय कर रहे : अमझार की पुलिया और दरा की नाम से हैवी ट्रैफिक को बंद करने के बाद सांगोद, खानपुर, बपावर और रावतभाटा कस्बों से भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है. दो लेन की सड़क पर अत्यधिक ट्रैफिक से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है. साथ ही, ड्राइवरों को अधिक दूरी तय करने और ज्यादा टोल शुल्क देना पड़ रहा है. दूसरी तरफ इस रास्ते पर आने वाले ट्रैफिक को रोकने के लिए भी करीब 20 से 25 जवान और मोडक थाना अधिकारी उत्तम सिंह जादौन ड्यूटी कर रहे हैं.
कोटा स्टोन सप्लाई का बढ़ गया खर्चा : रामगंज मंडी में सैकड़ो की संख्या में कोटा स्टोन की खाने हैं, जहां से पत्थर पूरे देश भर में भेजा जाता है. ऐसे में सीधा कनेक्शन कोटा से रामगंज मंडी के भारी वाहनों का कटा हुआ है. इन वाहन चालकों को भी झालावाड़ या चेचट चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा होते हुए आना मजबूरी है. इसके चलते कोटा स्टोन की सप्लाई का भाड़ा बढ़ गया है. रामगंज मंडी इलाके में स्थित अन्य सीमेंट या दूसरी इकाइयों का भी कच्चा माल आना और माल की सप्लाई में समस्या खड़ी हो गई है. यहां से माल भारी करने वाले ट्रकों का भी किराया बढ़ गया है. जिसके चलते कोटा स्टोन की सप्लाई का किराया भी बढ़ गया है.
बंद रास्ते का भी फायदा नहीं उठा रही पीडब्ल्यूडी : दरा घाटी में जब हैवी ट्रैफिक निकल रहा था तब जाम जैसी स्थिति बनी हुई थी, फिलहाल इससे राहत मिली हुई है. हैवी ट्रैफिक नहीं निकलने के चलते केवल हल्के वाहन ही यहां से गुजर रहे हैं. हालांकि रास्ता खराब होने या किसी वाहन के खराब हो जाने के चलते ही यहां जाम जैसे हालात होते थे. रामगंज मंडी के पुलिस उपाधीक्षक घनश्याम मीणा ने संबंध में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को पत्र भी लिखा है. वर्तमान में भी दरा में दोनों रेलवे अंडरपास व अन्य जगह रास्ता खराब है. इसको दुरुस्त करने के लिए भी पूरी तरह से ट्रैफिक को डाइवर्ट कर किया जाता है, लेकिन वर्तमान में दुरुस्त करवाने के लिए भी पुलिस ने पत्र पीडब्ल्यूडी को लिखा है, लेकिन हैवी ट्रैफिक नहीं निकलने के बावजूद भी पीडब्ल्यूडी बंद रास्ते का फायदा नहीं उठा रही है.




















