चूरू. चूरू जिले के मालासर गांव में साल 2017 में हुए चर्चित आनंदपाल एनकाउंटर मामले में नया मोड़ आ गया है. आनंदपाल की पत्नी राजकंवर ने अपने वकील के जरिये चूरू के जिला एवं सत्र न्यायालय में बुधवार को नई याचिका दायर कर एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अक्षरशः पालन की मांग की है. याचिका में कहा गया है कि सीबीआई कोर्ट पहले ही इस एनकाउंटर को फर्जी करार दे चुकी है. इसके बावजूद इसमें शामिल पुलिस अधिकारियों को आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन और पुरस्कार दिए गए.
याचिका में कहा गया है कि यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के 23 सितंबर 2014 के आदेशों के प्रतिकूल है. उसमें साफ निर्देश है कि किसी भी एनकाउंटर के तुरंत बाद गैलेंट्री अवॉर्ड या अन्य लाभ तब तक नहीं दिए जा सकते जब तक ‘बहादुरी’ संदेह से परे साबित न हो जाए. राजकंवर ने याचिका के जरिये अदालत से आग्रह किया है कि संबंधित पुलिसकर्मियों को दिए गए सभी लाभों को तत्काल रद्द किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू की जाए.
सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालना करवाने की मांग
याचिका में यह भी कहा गया है कि ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए ताकि कानून का राज कायम रहे और जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बना रहे. न्यायिक आदेशों की अनदेखी न केवल कानून के शासन को कमजोर करती है, बल्कि यह जनता के भरोसे को भी गहरी चोट पहुंचाती है.
24 जून 2017 को चूरू जिले के मालासर गांव में हुआ था एनकाउंटर
आनंदपाल का एनकाउंटर 24 जून 2017 को चूरू जिले के मालासर गांव में राजस्थान पुलिस की एसओजी और अन्य टीमों ने किया था. पुलिस ने दावा किया था कि कुख्यात गैंगस्टर कई मामलों में वांछित था. उसकी गिरफ्तारी के दौरान हुई मुठभेड़ में वह मारा गया. दूसरी तरफ आनंदपाल के परिवार और समर्थकों ने इस मुठभेड़ को फर्जी करार दिया था. उस समय इस मामले ने प्रदेशभर में राजनीतिक और सामाजिक हलचल मचा दी थी. कई जगह विरोध-प्रदर्शन हुए थे. याचिका दाखिल करने के दौरान एडवोकेट सुमन रूपेंद्रपाल, एडवोकेट नरेंद्र सिंह राठौड़, एडवोकेट आदित्य सिंह और एडवोकेट अमित सिंह मौजूद रहे.




















