अलवर: साइबर क्राइम के लिए कुख्यात रहे अलवर के मेवात इलाके में पुलिस के ‘आपरेशन संग्राम’ का अपराधियों में इस कदर खौफ समाया हुआ है कि पोर्टल पर साइबर अपराधियों की संख्या में तेजी से कमी आई है. जिले में इस आपरेशन के शुरू होने के समय मेवात में पोर्टल पर करीब 650 अपराधी एक्टिव थे, लेकिन अभियान के शुरू होने के बाद अब इन पोर्टल पर एक्टिव अपराधियों की संख्या घटकर मात्र 74 रह गई है. यानी करीब 88 प्रतिशत साइबर अपराधियों ने अभी अपने मोबाइल नम्बर बंद कर आनलाइन ठगी की गतिविधियों को रोक दिया है.
जिले में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध पर लगाम कसने के लिए अलवर पुलिस की ओर से शुरू किए गए ऑपरेशन संग्राम के तहत की जा रही कार्रवाई का खौफ अब दिखने लगा है. इस अभियान के तहत साइबर अपराधियों की पहचान, निगरानी और गिरफ्तारी की दिशा में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है, जिससे अलवर जिले के मेवात में साइबर फ्रॉड की घटनाओं में गिरावट आई है.
आपरेशन में यह हो रही कार्रवाई : अलवर पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि ऑपरेशन संग्राम के तहत मेवात क्षेत्र में बड़ी संख्या में संदिग्ध मोबाइल नंबर, बैंक खातों और सोशल मीडिया प्रोफाइल्स की निगरानी की जा रही है. साइबर क्राइम पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों की तत्काल जांच की जा रही है, जिससे धोखाधड़ी की घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई संभव हो पा रही है.
साइबर क्रिमिनल्स की ऑनलाइन सक्रियता में आई कमी : एसपी चौधरी ने बताया कि ऑपरेशन संग्राम के चलते न केवल साइबर फ्रॉड की घटनाओं पर अंकुश लगा है, बल्कि साइबर क्रिमिनल्स की ऑनलाइन सक्रियता में भी कमी आई है. उन्होंने बताया कि अलवर में एक अगस्त से शुरू हुए आपेशन संग्राम के दौरान पोर्टल पर करीब 650 साइबर अपराधी सक्रिय थे, लेकिन आपरेशन के तहत पिछले करीब 13 दिनों की कार्रवाई के खौफ के चलते अब पोर्टल पर एक्टिव साइबर अपराधियों की संख्या घटकर 74 रह गई है. यानी सक्रिय अपराधियों की संख्या में करीब 88 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. इसका मुख्य कारण साइबर ठगों पर सख्त निगरानी और तकनीकी टूल्स का प्रभावी उपयोग है. पुलिस अधीक्षक चौधरी ने बताया कि म्यूल अकाउंट कार्रवाई में बैंक अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच की जाएगी. साथ ही फर्जी सिम बेचने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
फर्जी सिम कार्ड व डिजिटल उपकरण किए बरामद : अलवर पुलिस की ओर से पूर्व में भी साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, जिसमें लाखों फर्जी सिम कार्ड और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं, इनका उपयोग कर साइब ठग दूर दराज के लोगों को ठगने में कर रहे थे. अलवर पुलिस ने पूर्व में भी मेवात क्षेत्र में जन प्रतिनिधियों एवं नागरिकों को साथ लेकर युवाओं को जागरूक करने के लिए साइबर सुरक्षा अभियान चलाए, जिसका नतीजा यह हुआ कि लोग संदिग्ध अपराधियों के बारे में पुलिस को जानकारी देने लगे हैं.




















