भीलवाड़ा: एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के मुद्दे को लेकर भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि जनता ने विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर भरोसा खो दिया है. उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ‘हार की बौखलाहट’ में संवैधानिक संस्थाओं पर बिना सोचे-समझे हमला कर रहे हैं. अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को अपनी लगातार हार दिखाई दे रही है, इसलिए वह सिद्धांतों को त्यागकर सड़कों पर उतर आई है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश की अर्थव्यवस्था को ‘मृत अर्थव्यवस्था’ बता रहे हैं और ऑपरेशन सिंदूर को असफल कह रहे हैं, जबकि पूरी दुनिया भारतीय सेना की तारीफ कर रही है.”
चुनाव आयोग और एसआईआर पर सवाल: विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट से नाम हटाने को लेकर उठाए गए आरोपों पर अग्रवाल ने कहा कि निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संस्था है, जिसे केंद्र सरकार सीधे नियंत्रित नहीं करती. उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं से सवाल पूछा कि क्या मृतक लोगों के नाम वोटर लिस्ट में रहने चाहिए?, क्या एक व्यक्ति को दो-तीन जगह वोट डालने देना चाहिए?, क्या जिनकी भारतीय नागरिकता साबित नहीं होती, उन्हें वोटिंग का अधिकार मिलना चाहिए?
एसआईआर नियमित प्रक्रिया: उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण चुनाव की नियमित प्रक्रिया है. कर्नाटक चुनावों में भी ऐसा ही हुआ था, जहां कांग्रेस जीती थी. तब यह प्रक्रिया सही थी और अब गलत कैसे हो गई? अग्रवाल ने कहा कि विपक्षी पार्टियों और कांग्रेस को उनकी हार दिख रही है. पिछले दो-तीन सालों से जनता इन्हें लगातार नकार रही है. इससे उनको लगता है कि हमारे दिन लद गए. अब वे आसन्न हार की बौखलाहट में विवेक खोकर संवैधानिक संस्थाओं पर आक्रमण कर रहे हैं.
धरातल पर उतारेंगे योजनाएं: अपने लोकसभा क्षेत्र के विकास के बारे में बात करते हुए अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने पहले साल योजनाओं को मंत्रालयों तक पहुंचाने का काम किया और अब अगले चार साल में इन्हें जमीन पर उतारने पर ध्यान देंगे. उन्होंने एयर, रोड और रेल कनेक्टिविटी के साथ-साथ उद्योगों के माध्यम से रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने की बात कही. भाजपा सांसद ने कहा कि विपक्षी दलों को देश की संस्थाओं पर भरोसा नहीं है, चाहे वह चुनाव आयोग हो, सुप्रीम कोर्ट हो या सेना. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अपनी हार को स्वीकार नहीं कर पा रही है, इसलिए वह नियम-कानून को दरकिनार कर आंदोलन कर रही है.




















