जयपुर: पाकिस्तानी सीमा से सटी चांधन फील्ड फायरिंग में स्थित डीआरडीओ के गेस्ट हाउस के मैनेजर महेंद्र प्रसाद को इंटेलिजेंस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हैंडलर्स को संवेदनशील जानकारी साझा करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है. वह वाट्सएप के जरिए जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हैंडलर्स को भेज रहा था. आरोपी को बुधवार को इंटेलिजेंस की टीम ने कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने उसे दो दिन की रिमांड पर सौंपा है.
इस दौरान इंटेलिजेंस अधिकारी आरोपी से सबूत जुटाएंगे. उसे मौके पर ले जाकर तस्दीक भी करवाई जाएगी. अब तक की पड़ताल में सामने आया है कि महेंद्र प्रसाद ऑपेरशन सिंदूर के दौरान भी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हैंडलर्स के संपर्क में रहा. इस दौरान क्या-क्या जानकारियां उसने साझा की हैं. इसे लेकर इंटेलिजेंस पड़ताल में जुटी है.
लंबे समय से सर्विलांस पर था आरोपी: स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर सुदेश कुमार सतवान ने बताया कि महेंद्र प्रसाद चांधन फील्ड फायरिंग रेंज में स्थित डीआरडीओ के गेस्ट हाउस का मैनेजर (संविदाकर्मी) है. वह लंबे समय से इंटेलिजेंस की सर्विलांस पर था. उन्होंने बताया कि चांधन फील्ड फायरिंग रेंज में देश के रक्षा वैज्ञानिक, डीआरडीओ के उच्चाधिकारी और सेना के अधिकारी मिसाइलों और हथियारों के परीक्षण के सिलसिले में आते रहते हैं.
‘चंदर’ नाम से सेव था हैंडलर का नंबर: सैन्य अधिकारियों और वैज्ञानिकों की जानकारी सबसे पहले मैनेजर के पास ही आती है. वह यह सारी जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हैंडलर्स को भेजता था. उसके मोबाइल में उसका नंबर चंदर के नाम से सेव था. जिसे वह लंबे समय से जानकारी साझा कर रहा था. उन्होंने बताया कि महेंद्र प्रसाद के खिलाफ इंटेलिजेंस के जांच अधिकारी लंबे समय से सबूत इकठ्ठा कर रहे थे. जब पुख्ता सबूत हाथ लगे, तो उसे गिरफ्तार किया गया है.
जानकारी देने के बदले लिए रुपए: अब आज कोर्ट में पेश कर उसे दो दिन के रिमांड पर लिया गया है. उन्होंने बताया, इंटेलिजेंस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसके साथ और कौन जासूसी में लिप्त था. इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसकी क्या फाइनेंशियल एक्टिविटीज रही है. सूचनाएं साझा करने के बदले कितनी बार और कितने रुपए लिए गए. इसे लेकर भी इंटेलिजेंस पड़ताल कर रही है. इन सभी बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है.
ऑपरेशन के दौरान बढ़ी एक्टिविटी: उन्होंने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सैन्य बलों ने आतंकियों के खिलाफ ऑपेरशन सिंदूर चलाया था. इस दौरान पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से जुड़े हैंडलर्स की एक्टिविटी में काफी इजाफा देखा गया था. इंटेलिजेंस ने सर्विलांस भी बढ़ा दिए थे. महेंद्र भी उसी समय संदिग्ध नंबरों से कनेक्टेड रहा. इसकी जानकारी इंटेलिजेंस को मिलने के बाद शिकंजा कसा गया.
हर जानकारी कर रहा था साझा: उन्होंने बताया कि डीआरडीओ के अधिकारियों, वैज्ञानिकों की आवाजाही के साथ ही वह उनके आने के मकसद और उनकी एक्टिविटी की जानकारी भी पाकिस्तानी हैंडलर्स को मुहैया करवा रहा था. महेंद्र के द्वारा सारी डिटेल पाकिस्तानी हैंडलर्स को शेयर की गई है. उन्होंने बताया कि महेंद्र प्रसाद मूलतः उत्तराखंड का रहने वाला है. जो लंबे समय से चांधन फील्ड फायरिंग रेंज स्थित डीआरडीओ के गेस्ट हाउस में मैनेजर था. वह संविदा पर कार्यरत था.




















