जयपुर : हाथियों को प्राकृतिक और प्रदूषण मुक्त माहौल देने के लिए जयपुर के आमेर में हाथी गांव बसाया गया था. हाथियों की पहली पसंद पेड़ और पानी के तालाब होते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए हाथी गांव में वन विभाग की ओर से सैकड़ों की संख्या में पेड़ पौधे लगाए गए हैं. हाथियों के नहाने और अठखेलियां करने के लिए तालाब भी तैयार किए गए. आमेर की हाथी सवारी विश्व प्रसिद्ध है. सुबह आमेर महल और फिर दिन में हाथी गांव में हाथी सवारी होती है. हाथी गांव में हाथियों की अठखेलियां देखकर पर्यटक भी रोमांचित हो जाते हैं.
हाथियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस के रूप में मनाया जाता है. देश में हाथियों की संख्या लगातार कम हो रही है. हाथियों की दुर्दशा पर ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से हाथी दिवस पर हर साल कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. हाथियों को सुरक्षित और प्राकृतिक वातावरण देने के साथ ही उनके संरक्षण के लिए राजधानी जयपुर के आमेर में हाथी गांव बसाया गया था. देश-विदेश के पर्यटक हाथी सवारी का लुत्फ उठाने के लिए यहां पहुंचते हैं.
हाथी गांव में करीब 75 हथिनियां : हाथी गांव में करीब 75 हथिनियां हैं, इसके अलावा एकमात्र नर हाथी है, जिसका नाम बाबू है. आमेर महल से आने के बाद हाथी गांव में बने तालाब में हाथी अठखेलियां करते हुए नजर आते हैं. हाथी पानी में अठखेलियां कर सैलानियों को रोमांचित कर देते हैं. हाथी सवारी पर्यटकों को आमेर की प्राचीनता और शाही अनुभव से रूबरू करवाती है. हाथियों के लिए वर्ष 2010 में हाथी गांव बसाया गया था. 120 बीघा में आमेर इलाके में हाथी गांव बसाया गया. हाथी गांव में हाथियों के लिए दो तालाब बनाए गए थे. तालाब में हाथी अठखेलियां करते हैं. हाथी गांव में हाथियों के लिए थान बने हुए हैं.
आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपैया : आसिफ खान ने बताया कि गर्मियों में थोड़ी परेशानी होती है. गर्मियों में पर्यटक कम आते हैं. एक हाथी का करीब 4000 रुपए प्रतिदिन खर्च होता है, जबकि हाथी सवारी से केवल 1500 ही मिलते हैं. आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपैया हो रहा है. हाथी मालिक स्वयं अपने स्तर पर हाथी का खर्चा उठाते हैं. हाथियों का चारा भी काफी महंगा पड़ता है. हर चीज के दाम बढ़ रहे हैं. हाथी गांव में साफ सफाई की समस्या है. इसका समाधान भी होना चाहिए. पर्यटकों के लिए जगह-जगह पानी पीने की व्यवस्था होनी चाहिए. सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए.
देश का एकमात्र है हाथी गांव : हाथी गांव विकास समिति अध्यक्ष बल्लू खान ने बताया कि वर्ष 2010 में देश का एकमात्र हाथी गांव आमेर के कुंडा में बसाया गया है. हाथी गांव पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहता है. पर्यटक हाथी सफारी का आनंद लेने के लिए यहां पहुंचते हैं. हाथी गांव देश का एकमात्र गांव है, जो कि हाथियों के लिए बसाया गया है. हाथी गांव करीब 100 एकड़ पर बसा हुआ है. यहां पर अभी करीब 75 हाथी रहते हैं. हाथियों के रहने के लिए थान बने हुए हैं. हाथियों के लिए अस्पताल भी हैं. इसके साथ ही हाथियों की पहचान के लिए प्रत्येक हाथी के कान के पास माइक्रोचिप लगाई गई है, जिसमें हाथी का नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर फीड होता है.
हाथी गांव में गंगा जमुना तहजीब : तीज, गणगौर जैसे त्योहारों पर भी हाथी सज धज के जाते हैं. हाथी गांव में गंगा जमुना तहजीब देखने को मिलती है. हिंदू मुस्लिम सभी भाईचारे से रहते हैं. हाथी भगवान गणेश का रूप माना जाता है. ऐसे में हाथी गांव में गणेश विसर्जन का कार्यक्रम भी किया गया था. 9 दिन भगवान गणेश को विराजमान किया गया था. यह कार्यक्रम मुस्लिम परिवारों की ओर से किया गया था.
हाथी गांव में बना वीआईपी गेस्ट हाउस बंद : हाथी गांव में सैलानियों के लिए करीब 5 साल पहले 70 लाख रुपए की लागत से लग्जरी गेस्ट हाउस बनाया गया था, लेकिन लाखों की लागत से बना गेस्ट हाउस वर्षों से बंद पड़ा हुआ है. पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए गेस्ट हाउस को रंग बिरंगी पेंटिंग और खूबसूरत रंगों से सजाया गया. गेस्ट हाउस में फाइव स्टार होटल की तरह चार कमरे बनाए गए. कमरों को लग्जरी बेड और खूबसूरत पेंटिंग से सजाया गया.
नेताओं ने पोस्ट जारी करके दी बधाईः विश्व हाथी दिवस के मौके पर केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बधाई दी है. केंद्रीय वन मंत्री ने लिखा है कि ‘भारत को विश्व की लगभग 60% एशियाई हाथियों की आबादी का घर होने पर गर्व है. भारत में हाथियों को न केवल श्रद्धा से देखा जाता है, बल्कि उनका सम्मान भी किया जाता है. पूर्व चेतावनी प्रणाली और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)-आधारित निगरानी जैसी तकनीकों का उपयोग, प्रशिक्षण और सामुदायिक सहभागिता के साथ, मानव-हाथी संघर्ष को कम करने और सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व को प्रोत्साहित करने में मदद कर रहा है. इस विश्व हाथी दिवस पर, आइए हम सभी इन भव्य जीवों की रक्षा करने और उनके सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने का अपना संकल्प दोहराएं’. वहीं, वसुंधरा राजे ने लिखा है कि ‘हाथी हमारी अमूल्य राष्ट्रीय धरोहर और भारतीय संस्कृति के गौरव हैं. हमारे नेतृत्व में भाजपा सरकार ने जयपुर में हाथीगांव का निर्माण किया, जहां इन भव्य जीवों की देखभाल और संरक्षण के लिए उत्कृष्ट व्यवस्था की गई. विश्व हाथी दिवस पर आइए, हम सब मिलकर इन महान जीवों की रक्षा और उनके आवास के संवर्धन का संकल्प लें’.




















