अजमेर : भाई बहन के पवित्र बंधन का त्योहार रक्षाबंधन अजमेर केंद्रीय कारागार में भी मनाया गया. जेल में कैद भाइयों को बहनों ने राखी बांधी. भावनात्मक दृश्य में जहां भाई को जेल की सलाखों के पीछे देखकर बहन की आंखें भर आई तो वहीं, बहन से राखी बंधवाकर भाई भी अपनी बेबसी पर रो पड़े. बहनों ने भाई से दोबारा अपराध नहीं करने का वचन लिया. वहीं, बूंदी और धौलपुर जिले में भी जेल में बंद भाइयों को बहनों ने राखी बांधी.
जेलों में भी रक्षाबंधन पर्व मनाने की सुविधा जेल प्रशासन की ओर से दी गई. सुबह से ही बहनों का केंद्रीय कारागार में आना-जाना लगा रहा. जेल की सलाखों के पीछे भाई को देखकर बहन की आंखें भर आई. वहीं, सलाखों के पीछे कैद भाई को तिलक कर बहनों ने राखी बांधी और मुंह मीठा करवाया. रक्षाबंधन पर जेल में काफी भावनात्मक नजारा रहा. जेल अधीक्षक अनंतेश्वरम ने बताया कि जेल प्रशासन ने भी रक्षाबंधन पर बहनों को जेल में कैद भाइयों को रक्षाबंधन पर राखी बांधने की सुविधा दी. इससे कैदियों को अपनी गलती का एहसास होगा और फिर से परिवार और समाज के साथ भावनात्मक रिश्ते जुड़ेंगे.
बहनों ने लिया यह वचन : जेल में कैद भाई की कलाई पर राखी बंधने की खुशी से ज्यादा बहनों को ज्यादा दुख भाई को जेल की सलाखों के पीछे देखकर हुआ. अपने भाई को राखी बांधने आई विमल बताती हैं कि चार साल से उसका भाई जेल में है. वह हर वर्ष भाई को रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए आती है. भगवान से प्रार्थना करती है कि भाई जल्द जेल से रिहा हो और परिवार में रहे. उन्होंने कहा कि भाई की कलाई पर राखी बांधते वक्त उससे वचन लिया है कि वह दोबारा अपराध नहीं करेगा. इसी तरह रेखा बताती है कि 8 माह से भाई जेल में बंद है. बहन होने के नाते उसे समझाया है कि दोबारा वह ऐसी कोई गलती नहीं करे. भगवान से यही मांगा है कि भाई जल्द जेल से छूट जाए.
बूंदी में भी जेल में भाइयों को बांधी राखीः जिला कारागृह में इस त्योहार ने एक अनोखा और भावुक रंग भर दिया. लोहे की सलाखों और ऊंची दीवारों के बीच, बहनों ने न सिर्फ अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा, बल्कि उनके दिलों में सुधार की नई राह जगाने का भी संकल्प बोया. अलसुबह जिला जेल के बाहर बहनों की लंबी कतार लग गई थी. दूर-दराज गांवों से आई बहनें अपने हाथों में राखी, मिठाई और उम्मीद का पैगाम लेकर पहुंची थीं. जेल के मुख्य द्वार पर सुरक्षा जांच के बाद, महिला सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में एक-एक बहन अपने भाई से मिलने के लिए अंदर पहुंच रही थी. जेल के भीतर जब भाई-बहन आमने-सामने आए तो माहौल भावुक हो उठा. बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया, राखी बांधी और मिठाई खिलाई. कई बहनों की आंखों में आंसू छलक पड़े. इस मौके पर बहनों ने भाइयों से एक ही तोहफा मांगा कि अब कभी गलत रास्ते पर मत चलना. जेल में बंद कई कैदियों ने भी बहनों के हाथ थामकर अपराध से दूरी बनाने का वादा किया. जिला कारागृह के डिप्टी जेलर मान सिंह बारहठ ने बताया कि रक्षाबंधन पर जेल प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की थी. बहनों के लिए छाया, पानी और चाय की व्यवस्था की गई. वहीं, सुरक्षा कारणों से किसी भी महिला को मिठाई या अन्य सामान जेल के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं थी.
धौलपुर में भी बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधी राखीः जिला कारागार में भी रक्षाबंधन का त्यौहार विशेष रूप से मनाया गया. जेल अधीक्षक सुमन मीणा ने बताया कि वर्तमान में कारागार में 400 बंदी हैं. त्योहार के अवसर पर विचाराधीन बंदियों को बहनों से मिलने और राखी बांधने की अनुमति दी गई. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी. लंबे अरसे बाद हुई मुलाकात ने भाई-बहन दोनों की आंखों को नम कर दिया.




















