जयपुर: रक्षाबंधन जैसे त्यौहार के मौके पर जब लोग मिठाइयों और पकवानों के स्वाद का आनंद लेने की तैयारी कर रहे थे, उसी समय जयपुर की लाल कोठी थाना पुलिस ने लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाली बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया. पुलिस ने मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 1800 किलो नकली पनीर को दुकानों पर पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया. यह पनीर हरियाणा के मेवात इलाके से जयपुर में सप्लाई के लिए लाया जा रहा था.
मुखबिर की सूचना से मिली कामयाबी: डीसीपी ईस्ट संजीव नैन ने जानकारी दी कि शुक्रवार रात मुखबिर से सूचना मिली कि सांगानेरी गेट की ओर से ट्रांसपोर्ट नगर की तरफ आ रही एक पिकअप गाड़ी में बड़ी मात्रा में मिलावटी पनीर भरा है. यह पनीर जयपुर के विभिन्न इलाकों में बेचने के लिए लाया जा रहा था. पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी शुरू की और संदिग्ध गाड़ी को रोक लिया, जब वाहन की जांच की गई, तो उसमें लोहे के 28 बॉक्स रखे हुए मिले. इन बॉक्सों में कुल 1800 किलो पनीर था. बॉक्स खोलते ही उसमें से तेज और अजीब सी दुर्गंध आने लगी, जिससे स्पष्ट हो गया कि पनीर नकली और मिलावटी है.
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया नष्ट: सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार शर्मा और नरेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. टीम ने पनीर के सैंपल लिए और जांच के बाद पूरे 1800 किलो नकली पनीर को नष्ट करवा दिया. पुलिस ने मेवात निवासी मनीष पुत्र शहाबुद्दीन, अलवर निवासी शालीम और मेवात निवासी मुफीद को गिरफ्तार किया. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पनीर जयपुर के 14 नंबर पुलिया के पास तसलीम, तौफीक, विक्की, शेरु और थड़ी मार्केट के समीर, जुम्मन, जयसिंहपुरा खोर के सद्दाम और यासीन लंगड़ा को सप्लाई किया जाना था.
बड़ा नेटवर्क होने की आशंका: पुलिस को शक है कि यह नकली पनीर सप्लाई का एक बड़ा नेटवर्क है, जिसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं. फिलहाल आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और संभावना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क के और चेहरे सामने आएंगे. डीसीपी ईस्ट ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर अगर यह नकली पनीर बाजार में पहुंच जाता, तो लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता था.




















