उदयपुर : राजस्थान के उदयपुर में हुए बहुचर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ शुक्रवार 8 अगस्त को देशभर में रिलीज होगी. सुप्रीम कोर्ट से मिली हरी झंडी के बाद अब यह फिल्म सिनेमाघर में आएगी. फिल्म को लेकर कन्हैयालाल के बड़े बेटे यश की प्रतिक्रिया भी सामने आई है.
इस पूरे मामले को लेकर कन्हैयालाल के बेटे यश ने कहा कि 3 साल पहले 28 जून 2022 के दिन पिता की दिनदहाड़े निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी. दो आतंकवादी किस्म के लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया. अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एक मूवी बनी है, जिसका नाम है उदयपुर फाइल्स. ये देश भर में रिलीज होगी. इस मूवी में बताएंगे किस तरह से पिता की हत्या की गई. हत्यारे किस तरह पाकिस्तान से जुड़े हुए थे. पाकिस्तान जाकर ट्रेनिंग लेने के बाद एक स्लीपर सेल के माध्यम से पिता की हत्या कर दी.
कन्हैया के बेटे का दर्द : कन्हैयालाल के बेटे ने कहा कि यह मूवी पहले 11 जुलाई को रिलीज होने वाली थी, लेकिन हाईकोर्ट की रोक के बाद यह रिलीज नहीं हो पाई. काफी संघर्ष करने के बाद अब 8 अगस्त को यह फिल्म रिलीज होगी. कन्हैयालाल के बड़े बेटे यश तेली ने बताया कि पिताजी को जिस तरह मारा गया, उसी घटना को फिल्म में दिखाया गया है. कुछ संगठन इस फिल्म का विरोध कर रहे थे. ये धर्म-समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ है. आशा करता हूं कि हर व्यक्ति इस मूवी को देखेगा और जानेगा कि कन्हैयालाल के साथ क्या हुआ था. उन्होंने कहा कि पिताजी की अस्थियां 3 साल से आज भी हमारे घर में रखी हैं. जब तक आरोपियों को फांसी की सजा नहीं मिलती अस्थियों का विसर्जन नहीं करूंगा.
आतंकवाद का मोहरा बनाकर मार दिया गया : 28 जून 2022 के दिन दिनदहाड़े उदयपुर में कन्हैयालाल टेलर की निर्मम हत्या कर दी गई थी. साल बदल चुका है, लेकिन जो नहीं बदला है वो है एक परिवार का असहनीय दुख, एक बेटे की नंगे पांव चलने की प्रतिज्ञा और न्याय का इंतजार. राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की बेरहमी से की गई हत्या को तीन साल से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन पीड़ित परिवार की घड़ी अब भी उसी मोड़ पर अटकी हुई है, जहां खून की बूंदें गिरकर जमीन पर थम गई थीं. इंसाफ की स्याही अब तक अदालत के पन्नों पर नहीं उतर सकी है.
बेटा पिता के न्याय के लिए जुटा : कन्हैयालाल के घर के एक कोना में एक कलश में उनकी अस्थियां रखी गई हैं, जिन्हें आज तक विसर्जित नहीं किया गया. बेटे यश ने तीन सालों से न चप्पल पहनी है और न ही बाल कटवाए हैं. बता दें कि कन्हैयालाल हत्याकांड की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है. मुकदमा जयपुर स्थित एनआईए कोर्ट में चल रहा है. कन्हैया लाल हत्याकांड की सुनवाई NIA कोर्ट में चल रही है. हालांकि, NIA मामलों की अलग से कोर्ट नहीं है, इसलिए CBI कोर्ट क्रम 2 को NIA कोर्ट का चार्ज दिया हुआ है और ये कोर्ट मामले की सुनवाई कर रही है. मामले में अभियोजन पक्ष के बयान चल रहे हैं. अभियोजन पक्ष के कुल 166 गवाह हैं. इनमें से 6 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं.




















