जोधपुर. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय हैंडीक्राफ्ट उत्पादों पर टैरिफ को 25% से बढ़ाकर 50% किए जाने का सीधा असर जोधपुर के हस्तशिल्प उद्योग पर पड़ने वाला है. यहां के हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का करीब 50% निर्यात सिर्फ अमेरिकी बाजार में होता है. टैरिफ बढ़ने से अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पाद 50% महंगे हो जाएंगे, जिससे प्रतिस्पर्धा में भारत पिछड़ जाएगा.
अगर ये लागू हुआ तो जोधपुर में हैंडीक्राफ्ट की आधी से अधिक फैक्ट्रियां बंद हो जाएगी, क्योंकि यहां के हैंडीक्राफ्ट का करीब 50% एक्सपोर्ट अमेरिकी देशों में है. जोधपुर फर्नीचर एक्सपोर्ट का प्रमुख निर्यातकों में एक माना जाता है. जोधपुर, जो देश के प्रमुख फर्नीचर और कराड़ (हैंडीक्राफ्ट) निर्यातकों में शामिल है, हर साल लगभग 4500 करोड़ रुपये का निर्यात करता है, जिसमें से करीब 2500 करोड़ का निर्यात सिर्फ अमेरिका को किया जाता है. इससे करीब 1 लाख कारीगर और श्रमिक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं. जोधपुर के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार रहा है.
वर्तमान में जोधपुर के एक्सपोर्टर्स पहले ही अलग-अलग संकटों से गुजर रहे हैं. ऐसे में इस टैरिफ की वजह से काफी परेशानी होगी. एक्सपोर्टर्स का कहना है कि अमेरिका के साथ राजनयिक स्तर पर वार्ता कर हस्तशिल्प उत्पादों को टैरिफ से छूट दिलाई जाएं. सरकार हैंडीक्राफ्ट इंसेंटिव योजनाओं के तहत निर्यातकों को राहत दे. हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत दिनेश का कहना है कि यूएस का 50% टैरिफ से व्यापार पर भारी संकट आने वाला है. परिस्थितियां हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट के अनुकूल नहीं है. केंद्र से राहत की उम्मीद है, वरना निर्यात संकट में आ जाएगा.
निर्यातकों की मांगें: हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स ने कहा कि सरकार से पहले लॉजिस्टिक्स छूट के तहत कई तरह के इंसेंटिव मिलते थे. सरकार निर्यातकों को एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए यह करती थी. लेकिन यूपीए सरकार के बाद इनमें कई इंसेंटिव बंद हो गए. खास तौर से ड्यूटी ड्रॉ बैक हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स को मिलता था, वह बंद हो गया. एक्सपोर्टर अनिल टाटिया ने बताया कि 5 प्रतिशत ड्यूटी ड्रॉ बैक बहुत बड़ी राहत थी, यह वापस लागू होना चाहिए. इसके अलावा आयकर में छूट और सरकार को स्पेशल लोन पैकेज इस सेगमेंट के लिए करना चाहिए. क्योंकि यहां 70 से 80 प्रतिशत काम लेबर से होता है. सरकार का सहयोग ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में बना सकता है.
- ड्यूटी ड्रॉ बैक और सब्सिडी स्कीम्स दोबारा शुरू की जाएं
- हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को स्पेशल लोन पैकेज मिले
- ट्रेड प्रमोशन और लॉजिस्टिक्स छूट जैसी योजनाएं फिर से लागू हों
- हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों को इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट, सब्सिडी, ट्रेड प्रमोशन स्कीम्स
नए बाजार तलाशने होंगे : लघु उद्योग भारती जोधपुर के अध्यक्ष पंकज भंडारी का कहना है कि वर्तमान में आए संकट से सकारात्मकता के साथ निपटना होगा. अमेरिका व यूरोप के साथ अब नए बाजारों की तरफ रूख करना होगा. ताकि हमारी इन देशों पर निर्भरता समाप्त हो सकें. निर्यातक राधेश्याम रंगा ने बताया कि अमेरिका के टैरिफ में अभी अस्थिरता है. आने वाले कुछ दिनों में स्थिति अनुकूल होगी. एसोसिएशन व ईपीसीएच के माध्यम से हम सरकार से गुहार लगाएंगे, ताकि इस संकट से निबटा जा सकें.
0% टैरिफ से व्यापार पर बड़ा संकट आने वाला है. केंद्र सरकार से राहत की उम्मीद है. –
“5% ड्यूटी ड्रॉबैक स्कीम जो पहले मिलती थी, उसे दोबारा लागू किया जाए, स्पेशल लोन और टैक्स छूट से ही प्रतिस्पर्धा में बने रह सकते हैं –
हमें अमेरिका और यूरोप के साथ-साथ नए बाजार तलाशने होंगे ताकि निर्भरता कम हो सके –




















