अलवर: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने सरिस्का टाइगर रिजर्व में माफिया के सक्रिय होने का अंदेशा व्यक्त करते हुए सीटीएच मामले में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. उन्होंने सरिस्का के सीटीएच मामले की सीबीआई जांच की मांग की और कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लोकसभा, राज्यसभा व विधानसभा में पुरजोर तरीके से उठाएगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सीटीएच मामले में जिस तेजी से कार्रवाई की, उससे इस मामले में भ्रष्टाचार की गंध आती है. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सीटीएच मुद्दे पर कांग्रेस, वन्यजीव प्रेमियों और अन्य लोगों के संघर्ष का ही नतीजा है कि सुप्रीम कोर्ट ने सीटीएच का ड्राफ्ट खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरिस्का में बंद पड़ी खदानें नहीं चल सकेंगी और बाघ अपने घर में सुरक्षित रह सकेंगे.
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सिंह ने गुरुवार को अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरिस्का टाइगर रिजर्व के क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट (सीटीएच) के ड्राफ्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सरिस्का में कोई भी खनन गतिविधि तब तक शुरू नहीं होगी, जब तक कोर्ट की अनुमति नहीं मिलती. उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत नए सीटीएच ड्राफ्ट को खारिज करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव न तो पारदर्शी है और न ही इसका कोई वैज्ञानिक या पर्यावरणीय आधार. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि 23 जून को स्टेट बोर्ड ऑफ वाइल्डलाइफ ने इस प्रस्ताव को पास किया, 25 जून को एनटीसीए और 26 जून को नेशनल बोर्ड ऑफ वाइल्डलाइफ ने मंजूरी कैसे दे दी? उन्होंने कहा कि इस मामले में इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई गई.
सामूहिक प्रयास को मिली जीत: पूर्व केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरिस्का के सीटीएच मामले की पूरी जानकारी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और सांसद जयराम रमेश को दी गई है. जल्द ही संसद में इस मामले में सीबीआई जांच की मांग उठाई जाएगी. पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सीटीएच मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को पर्यावरण प्रेमियों, वन्यजीव संरक्षकों और स्थानीय समुदायों की एकजुटता की जीत बताया, जिन्होंने इस संरक्षित क्षेत्र को बचाने के लिए लंबा संघर्ष किया. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय सरिस्का टाइगर रिजर्व और इसके बाघों के लिए एक ऐतिहासिक जीत है.
केंद्रीय वन मंत्री की कार्यशैली पर उठाए सवाल: जितेंद्र सिंह ने अलवर सांसद और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अलवर से चुने गए मंत्री ने सरिस्का जैसे संवेदनशील क्षेत्र को खनन माफियाओं के हवाले करने की कोशिश की. पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी संभालने वालों का कर्तव्य था कि वे बाघों और जैव-विविधता की रक्षा करें, लेकिन वे अपने हितों को बढ़ावा देने में लगे रहे.
बिहार में ‘वोट चोरी’ का आरोप: कांग्रेस नेता ने बिहार में चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे एसआईआर (समीक्षा, पहचान और सुधार) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे केंद्र सरकार द्वारा वोटरों के अधिकार छीनने का प्रयास बताया. उन्होंने कहा कि संविधान में वोट का अधिकार दिया गया है, लेकिन भाजपा सरकार इसे छीनना चाहती है. विपक्ष की मांग के बावजूद सरकार न तो लोकसभा और न ही राज्यसभा में इस पर चर्चा करा रही है. सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार से पूछा है कि वोटर सूची से हटाए गए लोग कौन हैं.




















