जयपुर: आखिरकार लम्बे समय बाद सरकार ने राज्य के सर्वोच्च खेल पुरस्कार महाराणा प्रताप और प्रशिक्षकों को दिए जाने वाले गुरु वशिष्ठ अवार्ड देने की घोषणा कर दी है. सरकारें समय-समय पर खेलों और खिलाड़ियों को सुविधाएं देने को लेकर बड़े बड़े दावे करती है, लेकिन बीते 8 सालों से खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को दिए जाने वाले इस अवार्ड को सरकारें भुला चुकी थीं. अब स्पोर्ट्स काउन्सिल ने महाराणा प्रताप और गुरु वशिष्ठ अवार्ड देने की घोषणा कर दी है.
स्पोर्ट्स काउन्सिल के अध्यक्ष नीरज के पवन का कहना है कि लम्बे समय से ये अवॉर्ड दिए नहीं जा रहे थे, लेकिन अब इन्हे लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. माना जा रहा है कि 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर ये अवार्ड दिए जाएंगे. 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है. खेल परिषद ने इन अवार्ड्स को देने के लिए समय-समय पर आवेदन तो लिए, लेकिन अवार्डस नहीं दिए. इससे पहले भी कई बार अवार्ड देने के लिए तैयारियां हुईं, लेकिन इसे लेकर कोई तारीख तय नहीं हो पाई और आवेदन ठंडे बस्ते में डाल दिए गए.
इससे पहले इतने आए आवेदन:
- साल 2018-19 के लिए 27 प्रशिक्षकों ने गुरु वशिष्ठ अवार्ड के लिए आवेदन था
- जबकि 66 खिलाड़ियों ने महाराणा प्रताप अवार्ड की दावेदारी पेश की थी
- साल 2019-20 के लिए गुरु वशिष्ठ अवार्ड के लिए 39 आवेदन आए
- महाराणा प्रताप अवार्ड के लिए 113 कुल आवेदन किए गए
- जबकि 2020-21 में गुरु वशिष्ठ अवार्ड के लिए करीब 50 आवेदन हुए.
अब इतने आवेदन आए: हाल ही में राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद द्वारा वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लिए राज्य के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए महाराणा प्रताप एवं गुरु वशिष्ठ पुरस्कार के आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई थी.
- वर्ष 2023-24 के लिए गुरु वशिष्ठ अवार्ड के लिए 19 आवेदन
- वर्ष 2024-25 के लिए गुरु वशिष्ठ अवार्ड के लिए 23 आवेदन
- वर्ष 2023-24 के लिए महाराणा प्रताप के लिए 27 आवेदन
- वर्ष 2024-25 के लिए महाराणा प्रताप के लिए 47 आवेदन
अब तक 170 खिलाड़ी सम्मानित: महाराणा प्रताप पुरस्कार की शुरुआत साल 1982-83 में की गई थी. इस पुरस्कार से अब तक कुल 170 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया है. खेल परिषद ने इन पुरस्कारों के लिए एक वित्तीय वर्ष में 5 गुरु वशिष्ठ पुरस्कार और 5 महाराणा प्रताप पुरस्कार दिए जाने की प्लानिंग की गई थी. महाराणा प्रताप पुरस्कार और गुरु वशिष्ठ पुरस्कार विजेताओं को सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपए पुरस्कार राशि से सम्मानित करने की घोषणा की गई थी.




















