बाड़मेर: पूर्व मंत्री और कांग्रेस की दिग्गज नेता मदन कौर का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. वे पिछले कुछ समय से बीमार थीं और मंगलवार को जोधपुर में अपने आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर के बाद बाड़मेर में शोक की लहर दौड़ गई है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत कांग्रेस कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया है.
बता दें कि मदन कौर बाड़मेर कांग्रेस पार्टी की कद्दावर नेता थीं. वे तीन बार पचपदरा विधानसभा से और एक बार गुड़ामालानी से विधायक चुनी गईं. वे जिले की पहली महिला विधायक थीं और लगातार दो बार बाड़मेर जिले की प्रमुख भी रहीं.
पूर्व मंत्री एवं बाड़मेर पूर्व जिला प्रमुख मदन कौर बीते कुछ सालों से जोधपुर में रह रही थीं. उनका स्वास्थ्य पिछले कुछ समय से ठीक नहीं था और बुधवार को उन्होंने अपनी आवास पर अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर के बाद बाड़मेर में शोक की लहर दौड़ गई है. गहलोत ने कहा कि कौर एक प्रख्यात समाजसेवी, महिला शिक्षा की प्रबल पक्षधर एवं जनसेवा को समर्पित व्यक्तित्व थीं.
मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी एवं बायतु विधायक हरीश चौधरी ने मदन कौर के निधन पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा- थार के रेगिस्तान में हर घर तक शिक्षा का उजियारा करने की मुहिम की एक मजबूत स्तंभ, पूर्व मंत्री, बाड़मेर जिले की पूर्व जिला प्रमुख मातृशक्ति मदन कौर जी का निधन व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए बेहद दुखद है. उनका जाना एक युग का अंत है. चौधरी ने कहा कि बाईजी की सोच एवं विचारधारा सदैव हमारे हृदय में रहेगी.
सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने भी मदन कौर के निधन पर कहा कि यह न केवल मेरे लिए, बल्कि सम्पूर्ण थार परिवार के लिए एक व्यक्तिगत व अपूरणीय क्षति है. उन्होंने कहा कि मदन कौर ने जीवनपर्यंत किसानों, महिलाओं, वंचितों व बच्चों के हितों के लिए संघर्ष किया. उन्होंने बालिका शिक्षा, सामाजिक न्याय और ग्रामीण सशक्तिकरण के क्षेत्र में जो कार्य किए. वे हमेशा स्मरणीय रहेंगे. इसी तरह पूर्व मंत्री गोपाराम मेघवाल, पचपदरा विधायक मदन प्रजापत समेत कई कांग्रेस के नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकॉउंट पर पोस्ट कर शोक संवेदनाएं व्यक्ति की.
यूथ कांग्रेस के लक्ष्मण गोदारा ने बताया कि थार परिवार की वरिष्ठ सदस्या, पूर्व मंत्री मदन कौर जी बाईसा का निधन हम सबके लिए अत्यंत पीड़ादायक है. यह केवल एक व्यक्तित्व का नहीं, बल्कि एक युग का अंत है. उनका जीवन सरलता, सेवा और समर्पण की मिसाल रहा. समाज, राजनीति और लोक सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा. गोदारा के मुताबिक जोधपुर स्थिति मदनकौर के आवास पर पार्थिव देह को शाम 5:30 बजे तक अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है. इसके बाद शाम 6 बजे अंतिम यात्रा निकलेगी और जोधपुर सार्वजनिक श्मशान घाट की जाएगी.
मदन कौर का जन्म 13 सितंबर 1935 को जोधपुर जिले के शेरगढ़ तहसील के ढाढणीया गांव में गोकुलदास के घर हुआ था. 1963 में वे बाड़मेर जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष बनी. 1967 में उन्होंने पचपदरा से चुनाव लड़ा और विधायक बनीं. इसके बाद, उन्होंने 1967-72, 1972-77 और 1977-80 तक पचपदरा से लगातार तीन बार विधायक के रूप में कार्य किया. 1989 में वे गुड़ामालानी से विधायक चुनी गईं.
1990 में वे तत्कालीन सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री भी रहीं. मदन कौर वर्ष 2005 से 2015 तक लगातार बाड़मेर की जिला प्रमुख रहीं. 2005 में वे जिला परिषद सदस्य चुनी गईं और बाड़मेर की पहली महिला प्रमुख बनीं. इसके बाद 2010 में निर्विरोध दूसरी बार जिला प्रमुख बनीं.




















