जयपुर: इनकम टैक्स रिटर्न जमा करने की प्रक्रिया चल रही है. ऐसे में यदि आपके मोबाइल नंबर या ईमेल पर इनकम टैक्स रिटर्न, रिफंड, आधार-पैन लिंक या टैक्स सत्यापन के नाम पर कोई संदिग्ध मैसेज आए तो अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है. दरअसल, यह साइबर ठगों की करतूत हो सकती है. ऐसे संदिग्ध मैसेज पर भरोसा करने से आप बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं. ऐसे संदिग्ध मैसेज पर भरोसा कर आए हुए लिंक पर क्लिक करने से आपका बैंक खाता भी खाली हो सकता है.
ठगी के तरीके बदल रहे अपराधी: एसपी (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी लगातार ठगी के तरीके बदलकर आमजन को निशाना बना रहे हैं. साइबर फ्रॉड की वारदात को अंजाम दे रहे हैं. फिलहाल, इनकम टैक्स रिटर्न जमा करवाने की प्रक्रिया चल रही है. ऐसे में साइबर अपराधी इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरने के बहाने साइबर अपराध की वारदात को अंजाम देने से नहीं चूक रहे हैं.
फर्जी लिंक पर क्लिक पड़ सकता भारी: उन्होंने बताया कि आईटीआर के नाम पर साइबर ठगी से सावधान रहने की जरूरत है. अपराधी फर्जी रिफंड, आधार-पैन लिंक और टैक्स सत्यापन के नाम पर फर्जी लिंक मोबाइल नंबर या ईमेल पर भेजते हैं. इन लिंक पर क्लिक करते ही यूजर का डाटा साइबर अपराधियों तक पहुंच जाता है. इससे वे यूजर्स की जानकारी का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दे सकते हैं.
विभागीय वेबसाइट से पुष्टि जरूरी: उन्होंने कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक करने या स्कैन करने से पहले जांच-पड़ताल जरूरी है. आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि जरूरी है. एसपी शांतनु कुमार सिंह ने आमजन से अपील की कि ऐसे संदिग्ध मैसेज आने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन या पोर्टल पर शिकायत करें.
वारदात पर यहां करें शिकायत: सिंह ने कहा कि किसी भी तरह के साइबर अपराध को लेकर हेल्पलाइन 1930 पर और पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है. वाट्सएप नंबर 9256001930 या 9257510100 पर भी शिकायत दी जा सकती है. इसके साथ ही नजदीकी थाने या साइबर पुलिस स्टेशन पर भी संपर्क किया जा सकता है.




















