झालावाड़: मनोहरथाना के पीपलोदी स्कूल हादसे में गभीर रूप से घायल हुए बच्चों के स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है. हादसे के बाद डरे सहमे बच्चों की जिला प्रशासन ने साइकोलॉजिस्ट से काउंसलिंग करवाई है. ऐसे में सभी बच्चे हादसे से पूरी तरह से उबर चुके हैं बच्चों को एक बार फिर मुख्य धारा में लाने के लिए प्रशासन ने जिला अस्पताल में ही बच्चों को स्कूल बैग, कॉपियां, किताबें, ड्राइंग शीट, स्केच पेन, पेंसिल उपलब्ध कराए हैं. इसके बाद अस्पताल में बच्चों की पाठशाला शुरू हो गई है. वहीं, दूसरी ओर पीपलोदी गांव में मौजूद बच्चों को अस्थाई पाठशाला में रंग रोगन करवाकर शिक्षा प्रदान की जा रही है.
अस्पताल में पढ़ रहे बच्चे : पीपलोदी हादसे में घायल हुए 11 बच्चों को उपचार के लिए झालावाड़ के मेडिकल कॉलेज में दाखिल करवाया गया था. यहां कुछ बच्चों की हालत बेहद खराब थी, लेकिन लगातार चल रहे इलाज और काउंसलिंग के बाद अब बच्चों की हालत में काफी सुधार आया है. जिला अस्पताल के डीन संजय पोरवाल ने कहा कि पीपलोदी स्कूल हादसे के बाद बच्चे गंभीर घायल अवस्था में इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे थे, जहां बच्चों के इलाज के लिए जनरल सर्जन न्यूरो, ऑर्थो, पीडियाट्रिक, एनेस्थीसिया, डॉक्टर की एक संयुक्त टीम तैयार की गई थी. बाद में कुछ बच्चों को ऑपरेट किया गया. फिलहाल सभी बच्चे पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं. सभी बच्चों की मॉनिटरिंग के लिए 24 घंटे सीनियर डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई है.
जल्द दी जाएगी छुट्टी : बच्चों के मानसिक स्तर को सुधारने के लिए साइकाइट्रिक की ओर से बच्चों की काउंसलिंग की गई है. ऐसे में बच्चों की मनोदशा में काफी सुधार आया है. उन्होंने कहा कि बारिश के कारण फिलहाल बच्चों को जिला अस्पताल में रखा गया है. बच्चों की उम्र काफी कम है. ऐसे में उचित देखभाल के कारण फिलहाल उन्हें गांव नहीं भेजा है. जल्दी सभी बच्चों को जिला अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी.
नया स्कूल बनकर जल्द होगा तैयार : मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राम सिंह मीणा ने बताया कि पीपलोदी हादसे के बाद जो बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं और गांव में मौजूद हैं उन सबके लिए विभाग ने बैग, किताबें उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराई है. बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हो, इसके लिए स्कूल में चार शिक्षकों को लगाया है. गांव में ही अस्थाई भवन को रंगरोगन कर स्कूल का रूप दिया गया है. वहीं, स्कूल के बच्चों की शिक्षकों की ओर से घर-घर जाकर काउंसलिंग की जा रही है. सरकार ने गांव में स्कूल निर्माण के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है. ऐसे में गांव में हादसे के बाद नया स्कूल बनकर जल्द तैयार किया जाएगा.
जानिए पूरा मामला : बता दें कि पीपलोदी में शुक्रवार (25 जुलाई) को प्राथना सभा के पहले स्कूल की बिल्डिंग गिरने से मलबे में कई बच्चे दब गए थे. स्कूल हादसे में 3 बालिकाएं और 4 बालक की मौत हुई. जान गंवाने वालों में पायल, प्रियंका, हरीश, सतीश, कान्हा, कुंदन और मीना हैं. इनमें कान्हा और मीना सगे भाई-बहन थे. बच्चों की उम्र 8-13 वर्ष के बीच थी.
मुआवजा और नौकरी का वादा : इस हादसे में लापरवाही बरतने वाले स्कूल स्टाफ को प्रदेश के शिक्षा व पंचायत राज्य मंत्री मदन दिलावर ने तुरंत निलंबित किया था. घटना के बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मृतकों के परिजनों के लिए 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद की घोषणा के साथ ही, नए स्कूल भवन के निर्माण के बाद मृतक बच्चों के नाम से कमरे बनाने की घोषणा की. साथ ही एक-एक परिजन को संविदा पर नौकरी का वादा किया.




















