जयपुर: 3 अगस्त को राष्ट्रीय अंगदान दिवस के रूप में मनाया जाता है. इसका मकसद आमजन को अंगदान के प्रति जागरूक करना है. पिछले कुछ वर्षों से अंगदान की मुहिम प्रदेश में अग्रणी रही है, लेकिन इसके बाद भी ऐसे रजिस्टर्ड मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिनको अपनी जिंदगी बचाने के लिए अंगों की आवश्यकता है.
प्रदेश को मिले दो राष्ट्रीय अवॉर्ड: स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) द्वारा आमजन को अंगदान से जुड़े मुद्दों को लेकर जागरूक किया जा रहा है. भारत में वर्तमान समय में अंगदान की डिजिटल शपथ में राजस्थान पूरे भारत में अग्रणी है. केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार अभी तक कुल 69523 अंगदान के संकल्प राजस्थान से भरे जा चुके हैं. 31 जुलाई को एक दिन में रिकार्ड 8226 अंगदान के संकल्प भरे गए. जिसके कारण राजस्थान को इमरजिंग स्टेट इन ऑर्गन डोनेशन एंड ट्रांसप्लांटेशन और एक्सीलेंस इन प्रमोशन ऑफ ऑर्गन डोनेशन कैटगरी में दो राष्ट्रीय अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है.
अंगदान की यह स्थिति: अंगदान के महत्व की बात करें, तो ब्रेन डेड व्यक्ति के अंगों से करीब आठ लोगों को नई जिंदगी दी जा सकती है. ऐसे में लोगों को आगे आकर अंगदान की मुहिम से जुड़ना चाहिए. राजस्थान में लगातार ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिनको जिंदगी बचाने के लिए अंगों की आवश्यकता है, लेकिन अंगदान नहीं होने के चलते जरूरतमंद लोगों को अंग नहीं मिल पा रहे हैं. इसके अलावा लोगों में अंगदान को लेकर भ्रांतियां भी हैं.
राजस्थान देश का अव्वल राज्य: चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीष कुमार का कहना है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग प्रदेश में अंगदान को बढ़ावा देने के लिए निरंतर नवाचार कर रहा है. अंगदान की ऑनलाइन शपथ लेने में राजस्थान देश का अव्वल राज्य है. साथ ही, प्रदेश में अंगदान एवं प्रत्यारोपण से जुड़ी सुविधाओं में लगातार वांछित सुधार किया गया है. हमारा प्रयास है कि सभी मेडिकल कॉलेजों एवं इससे संबद्ध अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध हो. हर जिले में अंगदान एवं प्रत्यारोपण के लिए आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हों. इसके लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे.
बढ़ रही वेटिंग लिस्ट: स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन के आंकड़ों की मानें, तो भले ही राजस्थान में अंगदान के प्रति लगातार जागरूकता बढ़ रही हो, लेकिन अंगों के लिए मरीजों की वेटिंग लिस्ट लगातार बढ़ रही है. चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का कहना है कि आज भी हमारे देश में लाखों लोग ऐसे हैं, जो अंग प्रत्यारोपण के इंतजार में हैं. यह इंतजार तभी खत्म हो सकता है, जब हम सभी मिलकर अंगदान के महत्व को समझें और इसके लिए आगे आएं. राज्य सरकार अंगदान की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है.




















