भरतपुर. जिले के सेवर थाना क्षेत्र के कंजौली गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने सभी को दहला दिया. गांव में बंद पड़ी दुकानों के बाहर एक महिला, एक पुरुष और एक बच्चे के शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया. प्रथम दृष्टया मामला सामूहिक आत्महत्या का माना जा रहा है. पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है.
पुलिस जांच में मृतकों की पहचान करौली जिले के खेड़ा गांव निवासी 35 वर्षीय अनीता, उसका 11 वर्षीय बेटा और दौसा के महू निवासी भांजा शुभम (30) के रूप में हुई है. मृतका अनीता के भाई दिगम्बर सिंह, जो डीग का रहने वाला है ने 1 अगस्त को करौली जिले के हिंडौन थाने में तीनों की गुमशुदगी दर्ज कराई थी. उसने पुलिस को बताया था कि 31 जुलाई को अनीता अपने 30 वर्षीय भांजे शुभम के साथ अपने बेटे को लेकर बेटे के हाथ में फ्रैक्चर का इलाज कराने निकली, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की थी, नहीं मिलने पर गुमशुदी दर्ज कराई थी.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतीश कुमार ने बताया कि तीनों शवों को आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी. शनिवार सुबह स्थानीय लोगों ने दुकानदार को कॉल कर सूचना दी कि दुकान के बाहर तीन लोगों के शव पड़े हैं. सूचना पाकर दुकानदार और स्थानीय लोगों की भीड़ लग गई. यह देखकर पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत सेवर थाना पुलिस को सूचना दी गई.
एफएसएल टीम ने जुटाए सबूत : सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतीश कुमार, सेवर थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू की. फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से पाउच बरामद किए, जिससे संभावना है कि तीनों ने विषाक्त खाकर आत्महत्या की होगी. हालांकि, घटनास्थल से कोई नोट नहीं मिला है. अधिकारी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है. एएसपी सतीश कुमार ने कहा कि ऐसा लगता है कि तीनों ने जहरीला पदार्थ खाया है. हम मामले की गहन जांच कर रहे हैं और हर संभावना की जांच की जा रही है.




















