चित्तौड़गढ़: मेवाड़ के श्रद्धा और आस्था के प्रतीक भगवान श्रीसांवलिया सेठ के मंदिर में इस बार दान का रिकॉर्ड टूटा है. मंदिर मंडल की ओर से हाल ही में की गई छह चरणों की दान गणना में कुल 28 करोड़ 32 लाख 45 हजार 555 रुपए नकद प्राप्त हुए हैं. इसके अलावा 1 किलो 443 ग्राम सोना और 204 किलो 500 ग्राम चांदी भी मंदिर को चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुई है. पूरे चढ़ावे की गणना की प्रक्रिया को लेकर श्री सांवलिया मंदिर बोर्ड के चेयरमैन हजारीदास वैष्णव ने बताया कि इस काम के दौरान सदस्य पवन तिवारी, किशन अहीर, मंदिर मंडल की सीईओ और अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रभा गौतम, प्रशासनिक अधिकारी शिवशंकर पारीक, लेखाधिकारी राजेंद्र सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
छह चरणों में हुई पारदर्शी गणना: गणना की प्रक्रिया 23 जुलाई से शुरू होकर छह चरणों में 1 अगस्त तक चली. यह गणना बैंक कर्मियों, मंदिर मंडल सदस्यों और सुरक्षा अधिकारियों की निगरानी में पूरी पारदर्शिता के साथ की गई.
- पहले चरण में ₹7.15 करोड़
- दूसरे में ₹3.35 करोड़
- तीसरे में ₹7.63 करोड़ 25 हजार
- चौथे में ₹3 करोड़
- पांचवें में ₹88 लाख 65 हजार 200
- छठे चरण में ₹20 लाख 85 हजार 877 रुपए
- अंतिम चरण में 28 करोड़ 32 लाख 45 हजार
भंडार और भेंट कक्ष से मिली राशि: दान की कुल राशि में भंडार से 22.22 करोड़ 76 हजार 77 रुपए और भेंट कक्ष से 6.09 करोड़ 69 हजार 478 रुपए प्राप्त हुए हैं. इसके अलावा भक्तों ने सोने-चांदी के आभूषण और धातु भी भेंट किए हैं. भंडार से 410 ग्राम सोना, 80 किलो 500 ग्राम चांदी और भेंट कक्ष से 1 किलो 33 ग्राम सोना, 124 किलो चांदी मिली है.
विशेष अवसरों पर बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या: इस बार कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भंडार खोला गया था, जिसके बाद से चढ़ावे की गणना का क्रम लगातार जारी रहा. हरियाली अमावस्या और रविवार को अत्यधिक भीड़ की वजह से गणना का कार्य स्थगित करना पड़ा. इन विशेष धार्मिक अवसरों पर देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए पहुंचे. गौरतलब है कि भगवान श्री सांवलिया सेठ का मंदिर न केवल राजस्थान बल्कि देशभर के करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र बन चुका है. हर साल यहां करोड़ों की संख्या में भक्त दान-पुण्य और मनोकामना पूर्ति के लिए आते हैं. इस बार चढ़ावे में आई रिकॉर्ड राशि इस बढ़ती आस्था का प्रमाण है.




















