जयपुर : राजस्थान में 26 जुलाई से सक्रिय हुए मानसून के दूसरे फेज ने पूरे प्रदेश में कहर बरपा दिया है. रिकॉर्ड तोड़ बारिश के कारण 69 साल का रिकॉर्ड टूट गया है और कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. लगातार जारी बारिश के कारण शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है.
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, जुलाई महीने में राज्य में औसतन 285 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 77 प्रतिशत अधिक है. इससे पहले साल 1956 में 308 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी. खास बात यह रही कि 25 से 31 जुलाई के बीच ही 55 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है. मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी राजस्थान में सामान्य से 100% अधिक बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में सामान्य से 23% कम बारिश दर्ज की गई.
बीते 24 घंटे में प्रमुख स्थानों पर बारिश
- चूरू – 80.9 मिमी
- फतेहपुर – 65.0 मिमी
- वनस्थली – 64.3 मिमी
- जयपुर – 49.2 मिमी
- पिलानी – 20.8 मिमी
6 जिलों में अलर्ट, स्कूलों में छुट्टियां : मौसम विभाग ने आज झुंझुनू, सीकर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ जैसे जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है. तेज बारिश की चेतावनी के कारण इन इलाकों में 1 और 2 अगस्त तक स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं. राज्य के कोटपूतली-बहरोड, अलवर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, सीकर, नागौर, अजमेर, जैसलमेर, सवाई माधोपुर, भरतपुर, डीडवाना, बारां, धौलपुर, टोंक, झालावाड़, केकड़ी, कोटा और बूंदी में भी छुट्टियां घोषित की गई हैं.
नदी-नालों में उफान, रेस्क्यू जारी : धौलपुर में चंबल नदी खतरे के निशान 130.79 मीटर से ऊपर जाकर 142.30 मीटर पर बह रही है. पार्वती बांध के 4 गेट खोलकर 4401.52 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. निवाई की डिल नदी में फंसे 11 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया. धौलपुर में सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्यों में जुटी हैं.
बीसलपुर और अन्य बांधों से तेज निकासी : बीसलपुर बांध में बढ़ती आवक एक दफा फिर से तेज होने के बाद 4 गेट (8, 9, 10, 11) खोलकर 48,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. वहीं, हिंडोली के गुढ़ा बांध से 7340 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है. करौली के पांचना बांध से जलनिकासी घटाकर अब केवल 222 क्यूसेक कर दी गई है. उधर, कोटा के हाड़ौती क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है. कोटा बैराज के 3 गेट 4 फीट तक खोलकर 28,893 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. यहां 852.50 फीट जलस्तर मेंटेन रखने के निर्देश दिए गए हैं.
थोड़ी राहत, फिर वापसी संभव : मौसम विभाग के अनुसार को 1 अगस्त शेखावाटी और बीकानेर संभाग में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है. 2 अगस्त को अधिकांश इलाकों में बारिश से राहत मिलने के आसार हैं. 3 से 6 अगस्त को भरतपुर और जयपुर संभाग में फिर मध्यम से भारी बारिश संभावित है. अगस्त महीने में जयपुर, अजमेर, कोटा, भरतपुर और बीकानेर में सामान्य से अधिक की संभावना है.
अनूपगढ़ में गढ़ की दीवारें ढहीं : अनूपगढ़ में गरुवार देर रात करीब 1 बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने अनूपगढ़ शहर को पूरी तरह जलमग्न कर दिया. बारिश इतनी तेज और लगातार थी कि कुछ ही घंटों में शहर की मुख्य सड़कें, गलियां और बाजार तालाब बन गए. निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई. शहर की ऐतिहासिक अनूपगढ़ गढ़ की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है. भारी बारिश के कारण गढ़ की दीवारें दो स्थानों से गिर गईं. घटना की जानकारी मिलते ही उपखंड अधिकारी (ADM) अशोक सांगवा, तहसीलदार और थाना अधिकारी ईश्वर प्रसाद जांगिड़ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया.
जैसलमेर में विद्यालयों और आंगनवाड़ी केन्द्रों में छुट्टी : जिला प्रशासन ने समस्त विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए घोषित अवकाश की अवधि को 2 अगस्त (शनिवार) तक बढ़ा दिया है. भवन सुरक्षा सर्वेक्षण के तहत विद्यालयों की दीवारों, छतों, कमरों, सीढ़ियों तथा अन्य संरचनात्मक हिस्सों की जांच की जा रही है. साथ ही, कई स्थानों पर आंशिक मरम्मत की आवश्यकता भी पाई गई है, जिसे तत्काल प्रभाव से पूरा किया जा रहा है. हालांकि, यह अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए लागू रहेगा. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारी विभागीय समयानुसार अपने-अपने विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों में नियमित उपस्थिति दर्ज करवाएं.




















