जयपुर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि भारत, रूस से हथियार और तेल खरीद रहा है, इसलिए उस पर जुर्माना भी लगाएंगे और यह टैरिफ 1 अगस्त से लागू होगा. ट्रंप की इस घोषणा के बाद भारतीय बाजार में हड़कंप मचा हुआ है. राजस्थान की बात करें तो राजस्थान से बड़ी संख्या में जेम्स-ज्वेलरी, हैंडीक्राफ्ट और गारमेंट्स अमेरिका में निर्यात किए जाते हैं.
इन कारोबार से जुड़े हुए कारोबारियों का कहना है कि टैरिफ बढ़ने के बाद निश्चित तौर पर व्यापार पर काफी असर पड़ेगा. फिलहाल जो वस्तुएं अमेरिका को निर्यात की जा रही हैं, उन पर टैरिफ लगभग 10-15% है. ऐसे में यदि टैरिफ में इजाफा होता है तो कीमतें बढ़ानी पड़ेंगी, जिससे बायर्स किसी अन्य देश का रुख कर सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (FORTI) की ओर से इस मुद्दे की समीक्षा की गई. फोर्टी अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल का कहना है कि यह घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के माध्यम से दबाव की राजनीति का प्रयास है. इसे आधिकारिक घोषणा नहीं माना जा सकता.
जेम्स-ज्वेलरी पर असर : ट्रंप की ओर से भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद प्रदेश में सबसे अधिक असर जेम्स-ज्वेलरी कारोबार पर देखने को मिलेगा. जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट व्यापार से जुड़े राजीव जैन का कहना है कि राजस्थान से तकरीबन हर साल 4000 करोड़ से अधिक की जेम्स-ज्वेलरी अमेरिकी निर्यात की जाती है. फिलहाल, ज्वेलरी पर टैरिफ़ लगभग 15.5 प्रतिशत है, जबकि जेम्स पर 10 प्रतिशत. यदि आधिकारिक रूप से टैरिफ बढ़ता है तो निश्चित तौर पर व्यापार पर काफी असर पड़ेगा और जितने भी ऑर्डर हैं, उनको होल्ड करना पड़ेगा. इससे कारोबार बिलकुल थम जाएगा. इससे जेम्स एंड ज्वेलरी कारोबार को करोड़ों रुपया का नुकसान होगा.
कीमतें बढ़ानी पड़ेंगी : राजस्थान हैंडीक्राफ्ट बाज़ार का सबसे बड़ा केंद्र है. हस्तशिल्प निर्यात संवर्द्धन परिषद के पूर्व चेयरमैन दिलीप बैद का कहना है कि भारत से लगभग 30 हजार करोड़ से अधिक का हैंडीक्राफ्ट हर साल अमेरिका में निर्यात किया जाता है. राजस्थान की बात करें तो तकरीबन 6 से 7 हजार करोड़ का व्यापार किया जाता है. दिलीप बैद का कहना है कि यदि टैरिफ बढ़ता है तो निश्चित तौर पर हैंडीक्राफ्ट से जुड़े उत्पादों की कीमतों को भी बढ़ाना पड़ेगा और बढ़ा हुआ टैरिफ कंज्यूमर को अपनी पॉकेट से चुकाना होगा. हालांकि, इससे व्यापार काफी कम होने की उम्मीद है.
व्यापारिक हितों का ध्यान रखा जाएगा : फोर्टी अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल का कहना है कि उम्मीद है कि केंद्र सरकार निर्यातकों के हितों के साथ देश की गरिमा को ध्यान में रखकर उचित समझौता करेगी. फोर्टी की ओर से अमेरिका में निर्यात करने वाले राजस्थान के निर्यातक और अमेरिका से आयात करने वाले आयातकों से अपील की जाती है कि फिलहाल किसी प्रकार की चिंता नहीं करें. इस बयान के पीछे ट्रंप का उद्देश्य भी यही है कि भारतीय बाजार में हडकंप मचे और भारत सरकार दवाब में आकर अमेरिका के मनमानी शर्तों को मानने के लिए मजबूर हो जाए. इसलिए ट्रंप के बयान से घबराने की आवश्यता नहीं है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय उद्योग-वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने विश्वास दिलाया है कि भारतीय निर्यातक और आयातक दोनों के व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए अमेरिका के साथ टैरिफ डील की जाएगी.




















