कोटा: हाड़ौती संभाग में भारी बारिश का क्रम जारी है. इसका असर देखने को मिला है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के 90 किलोमीटर के हिस्से को बंद करना पड़ा है. यहां के ट्रैफिक को दूसरे नेशनल हाईवे पर डायवर्ट किया गया है. यह कोटा जिले के मंडाना से लेकर बूंदी जिले के लबान तक बंद किया हुआ है, जबकि इसके आगे 60 किलोमीटर मेगा हाईवे कोटा लालसोट से लबान से सवाईमाधोपुर तक जाना पड़ता था, लेकिन इस रास्ते को ही मेज नदी की पापड़ी पुलिया क्षतिग्रस्त होने के चलते डाइवर्ट कर दिया गया है.
यहां ट्रैफिक लगभग 24 घंटे से भी ज्यादा समय से बंद है. दोनों हिस्सों के पहले से ही ट्रैफिक को डाइवर्ट कर दिया गया है. वाहनों को इस पर चढ़ने नहीं दिया जा रहा है. बैरिकेडिंग लगाकर बंद किया गया है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदीप अग्रवाल ने बताया कि प्रशासन की रिक्वेस्ट पर एक्सप्रेसवे को बंद किया गया है. कब तक बंद रहेगा, यह प्रशासन ही क्लियर कर सकता है.
सार्वजनिक निर्माण विभाग लाखेरी के अधिशासी अभियंता सतीश सिंघल का कहना कि प्रशासन से पुलिया की स्थिति ठीक नहीं होने के चलते मानसून के पूरे सीजन में रास्ते को बंद करने के लिए कहा है. आगे इसकी जांच के बाद ही क्लियर कर पाएंगे. फिलहाल, डेढ़ महीने तक मानसून सीजन में यह बंद रहेगा.
इसलिए जरूरी था डायवर्ट : दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भारी ट्रैफिक आने लग गया था. यह पूरा ट्रैफिक 8 लेन पर चलने वाला दो लेन के मेगा हाईवे और इस पर बनी मेज नदी की पापड़ी की सिंगल लेन पुलिया से गुजर रहा था. हालांकि, केशोरायपाटन कापरेन और अन्य आसपास के इलाकों में जाने वाले ट्रैफिक को लाखेरी से गेंडोली और खटखट होकर निकलने दिया जा रहा है.
इस रूट पर किया जा रहा है डाइवर्ट : मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र की तरफ से आ रहे ट्रैफिक को दरा घाटी पार करने के बाद एक्सप्रेसवे के गोपालपुर इंटरचेंज पर चढ़ने की जगह नेशनल हाईवे 52 पर डायवर्ट किया जा रहा है, जहां कोटा बाईपास, हैंगिंग ब्रिज होते हुए बल्लोप से बूंदी फिर हिंडौली पहुंच रहे हैं. जहां से वापस 148डी नेशनल हाईवे पर उनियारा होते हुए सवाई माधोपुर की तरफ जा रहे हैं. इसी हाईवे पर दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे का सवाई माधोपुर इंटरचेंज है, जहां से वापस दिल्ली की तरफ जा रहे हैं. वहीं, दिल्ली से आने वाले ट्रैफिक को भी इसी रूट पर डायवर्ट किया हुआ है.
डायवर्टेड रूट पर 50 किलोमीटर चलना पड़ रहा ज्यादा : गोपालपुरा से कोटा बूंदी हिंडौली-उनियारा से वापस एक्सप्रेसवे पकड़ने पर 200 किलोमीटर दूरी होने तय करनी पड़ रही है. सवाई माधोपुर इंटरचेंज से लबान इंटरचेंज तक लालसोट से कोटा मेगा हाईवे के जरिए दूरी 60 किलोमीटर है. इसके बाद लबान से गोपालपुर तक 90 किलोमीटर एक्सप्रेसवे हैं. दोनों मिलकर 150 किलोमीटर की दूरी होती है, जबकि डायवर्ट रूट से 50 किलोमीटर ज्यादा चलना पड़ रहा है.
पैकेज नंबर 10 और 15 में निर्माण की देरी से नीचे उतरना पड़ रहा ट्रैफिक को : दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे दिल्ली से हरियाणा और फिर राजस्थान के सवाई माधोपुर तक चालू है. यह पैकेज नंबर 1 से 9 तक पूरी तरह से चालू है, लेकिन सवाई माधोपुर और बूंदी जिले में निर्माणाधीन पैकेज नंबर 10 पूरा नहीं हुआ है. इसके चलते पैकेज नंबर 10 और 11 पर ट्रैफिक चालू नहीं है. जबकि पैकेज नंबर 12 बूंदी जिले के लबान से वापस ट्रैफिक एक्सप्रेस पर चालू किया हुआ है.
ऐसे में अधिकांश ट्रैफिक सवाई माधोपुर से एक्सप्रेस से उतरकर कोटा लालसोट मेगा हाईवे के जरिए बूंदी जिले के लबान पहुंचता है, जहां से वापस एक्सप्रेस वे पर ट्रैफिक पर चढ़ रहा है. वापसी के दौरान भी यही रूट रहता है. लबान से 12, 13 और 14 पैकेज नंबर कोटा जिले के मंडाना गोपालपुर तक 90 किलोमीटर चालू हैं. यहां फिर ट्रैफिक एक्सप्रेसवे से नीचे उतरता है, क्योंकि पैकेज नंबर 15 में बन रही मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व की टनल चालू नहीं है. ऐसे में ट्रैफिक धारा घाटी से होता हुआ चेचट में वापस पैकेज नंबर 16 के जरिए एक्सप्रेसवे पर चढ़ता है.
प्रशासन ने एक्सप्रेसवे को डाइवर्ट करवाया है. यह कब तक डायवर्ट रहेगा, इस संबंध में प्रशासन ही बता सकता है.
मेगा हाईवे पर लाखेरी के नजदीक मेज नदी पर पापड़ी की पुलिया बनी हुई है. यह रियासत कालीन पुलिया थी और करीब 70 साल पहले इसका निर्माण हुआ था. पुलिया से एक्सप्रेसवे का ट्रैफिक भी गुजर रहा था. काफी ज्यादा ट्रैफिक होने के चलते पुलिया क्षतिग्रस्त हुई है. इसलिए ट्रैफिक को डाइवर्ट करवाना पड़ा है और यह मानसून के पूरे सीजन यानी करीब अगले डेढ़ महीने डायवर्ट रहेगा.




















