भरतपुर: पूर्वी राजस्थान में इस बार मानसून ने कहर बरपाया है. जुलाई माह समाप्त होने से पहले ही भरतपुर संभाग के भरतपुर, करौली और धौलपुर में अच्छी बारिश दर्ज हो चुकी है. तेज बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण नदियां उफान पर हैं और कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. दर्जनों गांवों का मुख्यालय और कस्बों से सड़क संपर्क टूट गया है. प्रशासन ने बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात कर दिया है. सभी जिलों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है.
भरतपुर: औसत 77% बरसात दर्ज: भरतपुर जिले में अब तक 434.46 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है, जो कि औसत बरसात 557 मिमी की करीब 77% है. भरतपुर शहर में 545, बयाना में 516, उच्चैन में 520, हलैना में 501, बारैठा में 468, सेवर में 463, हिंगोटा में 453, वैर में 429 और नदबई में 320 मिमी बारिश दर्ज की गई है. जिले में सबसे अधिक बारिश भरतपुर शहर में हुई है.
स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी: लगातार हो रही बारिश से बयाना और निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. जिले के सबसे बड़े बांध से कुकंद नदी में दो गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे वस्त्रावली, सूपा, पुराबाई खेड़ा, नगला ठोडा, कोठीखेड़ा, नारौली, बरोंदा और सेवला सहित डेढ़ दर्जन गांव प्रभावित हुए हैं. खेतों में खड़ी ज्वार-बाजरा की फसलें पानी में डूबकर नष्ट हो गई हैं. सड़क संपर्क टूटने से लोगों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं. सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने 31 जुलाई को जिले के सभी स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी घोषित कर दी है.
करौली: पांचना बांध से जल निकासी जारी: करौली जिले में पांचना बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. जलस्तर 257.95 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि इसकी भराव क्षमता 258.62 मीटर है. पानी का दबाव कम करने के लिए दो गेट खोलकर गंभीर नदी में 1333 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. अब तक कुल 2451 एमसीएफटी पानी बांध से निकाला जा चुका है. नीदर, मामचारी और कालीसिल बांध पूरी तरह ओवरफ्लो हो चुके हैं. कालीसिल बांध में 2 फीट 4 इंच, मामचारी में 4 इंच और नीदर में 6 इंच की चादर चल रही है. पिछले 24 घंटों में सपोटरा में 9, कालीसिल बांध पर 15, हिण्डौन में 3, मंडरायल में 49 मिमी सहित विभिन्न स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई है. मानसून सत्र में अब तक कालीसिल पर 893, करौली शहर में 791 और पांचना पर 750 मिमी बारिश दर्ज की गई है.
धौलपुर: नदियां उफान पर: हाड़ौती और आसपास के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के बाद चंबल नदी उफान पर आ गई है. नवनेरा बैराज से 5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर 130.79 मीटर के खतरे के निशान को पार करते हुए 141 मीटर तक पहुंच गया है. नदी का पानी पुराने पुल से ऊपर बह रहा है. राजाखेड़ा, धौलपुर, सरमथुरा और बाड़ी उपखंड के दर्जनों गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह से कट चुका है. पार्वती नदी में 5000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि उर्मिला सागर बांध का जलस्तर 29 फीट की क्षमता पार करते हुए 30 फीट तक पहुंच गया है. पानी हाइवे पर बहने से खनपुरा के पास सड़क काटकर पानी को डायवर्ट किया गया है. धौलपुर में अब तक औसतन 94% बारिश दर्ज की गई है.
चंबल और पार्वती नदियों में उफान से बाढ़ प्रभावित गांवों में दहशत का माहौल है. एसडीआरएफ की कई टीमें नावों और मोटरबोट की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हुई है. जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने राजाखेड़ा क्षेत्र सहित बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा लिया. जल संसाधन विभाग की टीमें चंबल के जलस्तर पर लगातार नजर रख रही हैं.




















